
रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र, कामचटका प्रायद्वीप के पास बुधवार को 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसके बाद प्रशांत महासागर के कई देशों में सुनामी (Tsunami) का खतरा मंडराने लगा। जापान, रूस, पेरू, चीन, अमेरिका (हवाई, कैलिफोर्निया, अलास्का), मेक्सिको और कनाडा के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
रूस में आई तबाही
रूसी मीडिया ने दिखाया कि कैसे कामचटका के पास बसे एक तटीय गांव पर सुनामी की ऊंची लहरें आकर सब कुछ बहा ले गईं। सबसे ज्यादा असर पड़ा सेवेरो-कुरील्स्क पर, जो भूकंप के केंद्र से लगभग 350 किलोमीटर दूर स्थित है और जहां करीब 2000 लोग रहते हैं। वहां की मछली पकड़ने वाली फैक्ट्री और बंदरगाह क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूब गए।
स्थानीय मेयर अलेक्जेंडर ओवस्यानिकोव ने बताया कि लहरें 4 मीटर तक ऊंची थीं और WWII मेमोरियल तक पहुंच गईं, जो समुद्र से 400 मीटर दूर है। सौभाग्यवश, समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। एक घंटे की चेतावनी ने जानें बचा लीं।
जापान में सुनामी (Tsunami) की चेतावनी
जापान के होक्काइडो से लेकर वाकायामा तक के पूरे प्रशांत तट पर सुनामी (Tsunami) अलर्ट जारी किया गया। इशिनोमाकी पोर्ट में 50 सेंटीमीटर, टोकाची पोर्ट में 40 सेंटीमीटर और एरिमो टाउन में 30 सेंटीमीटर की लहरें दर्ज की गईं।
प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने जनता से अपील की कि वे सुरक्षित क्षेत्रों में रहें और चेतावनी हटने तक समुद्र तटों से दूर रहें।
हवाई, कैलिफोर्निया और अलास्का में भी खतरे की घंटी
हवाई के ओहू द्वीप में लोग ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने लगे, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। हवाई गवर्नर जोश ग्रीन ने बताया कि मिडवे एटोल के पास 6 फीट ऊंची लहर दर्ज की गई और अभी और बड़ी लहरें आने की संभावना है।
कैलिफोर्निया में केप मेंडोचिनो से लेकर ओरेगन बॉर्डर तक 100 मील लंबे क्षेत्र के लिए सुनामी (Tsunami) चेतावनी जारी की गई है। वहीं, अलास्का के अमचिटका और एडक द्वीपों पर हल्की लहरें देखी गईं।
पापुआ में समुद्र से दूर रहने की चेतावनी
पापुआ के जयापुरा शहर में आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से कहा है कि जो लोग समुद्र के किनारे रहते हैं, वे जल्दी से जल्दी ऊंची जगहों पर चले जाएं।
इंडोनेशिया के इस पूर्वी प्रांत की राजधानी जयापुरा में अब लोगों और पर्यटकों को समुद्र तट की तरफ जाने की अनुमति नहीं है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने को कहा गया है। इससे पहले इंडोनेशिया की मौसम और भूकंप विभाग (BMKG) ने देश के कुछ पूर्वी हिस्सों में सुनामी (Tsunami) की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी उत्तर सुलावेसी, उत्तर मलुकु, पश्चिम पापुआ और गोरोंटालो जैसे तटीय इलाकों के लिए है।
सरकार ने लोगों से कहा है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन समुद्र के किनारे न जाएं और सावधानी बरतें।
चीन, पेरू, कनाडा, मेक्सिको और भारत भी सतर्क
- पेरू की नौसेना ने अलर्ट जारी किया और अनुमान लगाया कि सुनामी (Tsunami) के कारण लहरें 3 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं।
- चीन ने पूर्वी तटीय क्षेत्रों में 30 सेंटीमीटर से 1 मीटर ऊंची लहरों की चेतावनी दी।
- ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा) में टोफिनो और लैंगारा द्वीप पर छोटे स्तर की लहरें दर्ज की गईं।
- मेक्सिको ने अपने तटवर्ती राज्यों में लोगों के समुद्र तटों पर जाने पर रोक लगाई।
- भारत के सैन फ्रांसिस्को स्थित वाणिज्य दूतावास ने कैलिफोर्निया, हवाई और अन्य तटीय क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों से सतर्क रहने की अपील की।
रूसी भूगर्भीय संस्थान ने कहा है कि यह भूकंप 1952 के बाद इस क्षेत्र का सबसे शक्तिशाली था। इसके बाद 7.5 तीव्रता तक के झटके आने की आशंका है।



