अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में दो शब्द लिखे – I’m Alive यानी मैं जिंदा हूं। इसका उद्देश्य उनकी सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों को शांत करना था (Trump health rumours)। लेकिन इसके बावजूद, उनकी सेहत को लेकर सवाल और सस्पेंस बढ़ गया है।
ट्रंप की सेहत (Trump health rumours) को लेकर अफवाहें कैसे फैलीं?
कुछ समय से इंटरनेट पर ट्रंप की सूजन भरे टखने, हाथों पर दिखने वाली चोटें, और चलते समय लड़खड़ाने के वीडियो क्लिप्स वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो और तस्वीरों के कारण कुछ MAGA समर्थकों ने यह अफवाह फैलाना शुरू कर दिया कि ट्रंप की गुप्त रूप से मौत हो गई है (Trump health rumours)।
पूर्व चरमपंथी और ट्रंप समर्थक निक फुएंटेस, जिन्होंने पहले ट्रंप के साथ मार-अ-लागो में समय बिताया था, ने इस मुद्दे पर व्हाइट हाउस पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया।
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उन्होंने इसे ‘बाइडेन 2.0 कवर-अप’ कहा। उनके कहने का मतलब है कि जिस तरह से व्हाइट हाउस ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की सेहत को लेकर अमेरिका से सच छिपाया, वैसे ही अब ट्रंप के बारे में सच्चाई नहीं बता रहा (Trump health rumours)।
फुएंटेस ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, ‘स्पष्ट रूप से ट्रंप के साथ कुछ हो रहा है जिसे व्हाइट हाउस छिपा रहा है।’
हालांकि, फुएंटेस ने ट्रंप के कुछ सार्वजनिक व्यवहार और चुप रहने पर भी गुस्सा जताया। उन्होंने लाइवस्ट्रीम में ट्रंप को जोकर और कॉर्नबॉल कहकर मजाक उड़ाया और कहा कि वह अब कभी ट्रंप का समर्थन नहीं करेंगे।
फुएंटेस ने आरोप लगाया कि MAGA आंदोलन अब सलाहकारों और डोनर्स के हाथों में है, और ट्रंप एपस्टीन मामले जैसे विवादों पर चुप रहते हुए अपने समर्थकों का विश्वास खो रहे हैं।
ट्रंप का जवाब और सार्वजनिक उपस्थिति
इन अफवाहों (Trump health rumours) के बीच, ट्रंप ने शनिवार को गोल्फ खेलते हुए अपनी सेहत का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी इससे बेहतर महसूस नहीं किया।
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इस बयान का उद्देश्य लोगों को यह बताना था कि ट्रंप पूरी तरह से सजग और स्वस्थ हैं। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि ये अफवाहें (Trump health rumours) वास्तविक नहीं हैं।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
79 साल के ट्रंप के लिए यह स्थिति राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। America First की नीति के नेतृत्वकर्ता के खिलाफ समर्थकों और आलोचकों के बीच संदेह पैदा होना, उनकी आगामी चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता है।
विशेष रूप से, उनके पुराने समर्थक और पूर्व सहयोगी जैसे निक फुएंटेस की आलोचना से ट्रंप की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे समय में व्हाइट हाउस की चुप्पी भी अफवाहों को (Trump health rumours) और हवा दे रही है।
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