
European migration crisis : स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र सेउता (Ceuta) में बड़ी संख्या में घुसपैठियों के पहुंचने के बाद स्थिति बिगड़ गई है। ये लोग पड़ोसी देश मोरक्को से सीमा पार करके स्पेन पहुंचे हैं। हालात को संभालने के लिए स्पेन ने सेना को भी तैनात किया है। अनुमान है कि 49 हजार से ज्यादा घुसपैठिये स्पेन पहुंचे हैं।
इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई। इनमें ज्यादातर लोग समुद्र के रास्ते सेउता पहुंचने की कोशिश में डूब गए। बड़ी संख्या में लोगों के अचानक पहुंचने से स्थानीय प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है (European migration crisis)।
यह मामला अब सिर्फ स्पेन तक सीमित नहीं है। इससे यूरोप में माइग्रेशन और सीमा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।
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सेउता कहां है?
सेउता उत्तर अफ्रीका में स्थित स्पेन का एक छोटा इलाका है। यह चारों तरफ से मोरक्को से घिरा है और समुद्र के दूसरी तरफ स्पेन की मुख्य भूमि है (European migration crisis)।
सेउता और मेलिला (Melilla) उत्तर अफ्रीका में स्पेन के दो इलाके हैं। इन दोनों की वजह से यूरोपीय संघ की अफ्रीका के साथ सीधी जमीनी सीमा बनती है।
मोरक्को सेउता और मेलिला पर स्पेन के अधिकार को स्वीकार नहीं करता। वह दोनों इलाकों को अपना हिस्सा मानता है।
प्रवासी सेउता क्यों पहुंचना चाहते हैं?
अफ्रीका से यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले लोगों के लिए सेउता एक अहम रास्ता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां पहुंचते ही वे यूरोपीय संघ के क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं (European migration crisis)।
मोरक्को के आसपास के इलाकों से लोग समुद्र में उतरकर सेउता पहुंचने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग सीमा पर लगी बाड़ को पार करने की कोशिश भी करते हैं।
हालांकि समुद्र का रास्ता बहुत छोटा दिखाई देता है, लेकिन वहां तेज धार और दूसरे खतरे होते हैं। इसलिए इस रास्ते से यूरोप पहुंचने की कोशिश कई बार जानलेवा साबित होती है।
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इस बार क्या हुआ?
पिछले कुछ दिनों से सेउता में आने की कोशिश कर रहे प्रवासियों की संख्या बढ़ रही थी। इसके बाद गुरुवार को अचानक बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की (European migration crisis)।
कई लोग समुद्र में तैरकर सेउता पहुंचे। कुछ लोग ट्यूब और दूसरे तैरने वाले सामान का सहारा लेते नजर आए। इनमें युवा पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में करीब 49 हजार लोगों के सेउता में पहुंचने का अनुमान है।
सेउता पहुंचने की कोशिश में कई लोगों की जान चली गई। ज्यादातर लोगों की मौत समुद्र में डूबने से हुई। कई लोगों को पानी से निकालकर बचाया भी गया (European migration crisis)।
स्पेन ने सेना क्यों तैनात की?
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के अचानक पहुंचने से सेउता का स्थानीय प्रशासन दबाव में आ गया। वहां मौजूद पुलिस और दूसरे सुरक्षा बलों के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो गया। इसके बाद स्पेन ने सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वहां भेजा।
सेना की मदद से सीमा और समुद्र में निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा बल यह भी देख रहे हैं कि और लोग समुद्र के रास्ते सेउता में प्रवेश न कर सकें (European migration crisis)।
स्पेन और मोरक्को के बीच पहले भी हो चुका है विवाद
सेउता को लेकर स्पेन और मोरक्को के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। दोनों देशों के रिश्तों पर इसका असर भी पड़ता रहा है।
मई 2021 में भी सेउता में अचानक हजारों प्रवासी पहुंच गए थे। उस समय करीब 8 हजार लोगों के सीमा पार करने की खबर आई थी (European migration crisis)।
उस घटना के पीछे स्पेन और मोरक्को के बीच चल रहा राजनयिक विवाद एक बड़ी वजह माना गया था। बाद में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हुआ और सीमा पर सहयोग बढ़ाया गया।
स्पेन की राजनीति में भी गरमाया मामला
इस घटना के बाद स्पेन में सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी और दक्षिणपंथी दलों ने सरकार पर सीमा की सुरक्षा ठीक से नहीं कर पाने का आरोप लगाया है।
सरकार का कहना है कि सीमा की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। साथ ही उसका कहना है कि प्रवासियों और शरण मांगने वाले लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक व्यवहार करना भी जरूरी है (European migration crisis)।
यानी सरकार के सामने एक तरफ सीमा को सुरक्षित रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ प्रवासियों के मानवाधिकारों का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी है।
यूरोप इसलिए परेशान
सेउता यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा का हिस्सा है। इसलिए यहां होने वाला बड़ा प्रवासी संकट सिर्फ स्पेन की समस्या नहीं माना जाता। इटली ने भी यूरोप की बाहरी सीमाओं को लेकर चिंता जताई है और जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाने की बात कही है। यूरोपीय संघ ने भी स्पेन की मदद की पेशकश की है (European migration crisis)।



