
Masood Azhar
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में मारे गए आतंकियों की जानकारी पता चली है। मरने वालों में मसूद अजहर (Masood Azhar) का साला और जैश कमांडर का बेटा भी है।
भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी सबसे सटीक और साहसी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कुल नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया।
इसमें JeM प्रमुख मसूद अजहर (Masood Azhar) के दो रिश्तेदारों, हाफिज मुहम्मद जमी़ल और मोहम्मद यूसुफ अजहर समेत पांच कुख्यात आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
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यह स्ट्राइक एक साफ संदेश है कि भारत अब सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि आतंक की जड़ों पर वार करता है — चाहे वो कहीं भी हों।
ऑपरेशन सिंदू क्यों और कब हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर दो हफ्ते पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में अंजाम दिया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। सरकार ने इसे ‘क्रॉस बॉर्डर काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन’ बताया। इसमें सटीक निशाने साधे गए और कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित रही।
इस हमले में एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि भारत ने केवल PoK ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। यह 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक से एक बड़ा कदम आगे है।
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किन आतंकियों को मारा गया?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन पांच आतंकियों को इस कार्रवाई में ढेर किया गया, वे पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क के प्रमुख चेहरे थे :
- मुदस्सर खडियन खास उर्फ अबू जुंदाल
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा यह आतंकी मुरिदके स्थित Markaz Taiba का प्रमुख था। यही वह जगह है जहां 26/11 हमले का दोषी अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों को प्रशिक्षित किया गया था। - हाफिज मुहम्मद जमील
मसूद अजहर (Masood Azhar) का सगा साला, जैश-ए-मोहम्मद के लिए फंडिंग और संगठनात्मक नेटवर्क संभालता था। यह बहावलपुर स्थित Markaz Subhanallah का प्रमुख था। - मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी
यह भी मसूद अजहर (Masood Azhar) का रिश्तेदार था और जैश-ए-मोहम्मद का ट्रेनिंग कमांडर। वह IC-814 विमान हाईजैक मामले में वांछित था। जम्मू-कश्मीर में कई घातक हमलों में इसकी भूमिका रही है। - खालिद उर्फ अबू अकाशा
लश्कर का वरिष्ठ आतंकी। अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए जाना जाता था। - मोहम्मद हसन खान
जैश के PoK स्थित ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा। यह जम्मू-कश्मीर में हमलों की योजना और समन्वय में जुटा हुआ था।
बालाकोट से आगे का कदम
2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक (Balakot Airstrike) के जरिए पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। लेकिन इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) कहीं ज्यादा गहरा और जवाबी रणनीति में परिवर्तन का संकेतक है। भारत ने इस बार न केवल PoK में, बल्कि पाकिस्तान के मुख्य शहरों में स्थित ट्रेनिंग और ऑपरेशनल हेडक्वार्टर्स को सीधे निशाना बनाया।
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) भारत की उस बदली हुई रणनीति का उदाहरण है, जिसमें अब भारत किसी हमले का जवाब केवल कूटनीतिक विरोध से नहीं, सीधे सैन्य कार्रवाई से देता है।



