
भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का सबसे बड़ा निशाना था पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad, JeM) का मुख्यालय मरकज सुभानअल्लाह (Markaz Subhanallah)।
हाल ही में सामने आए एक वीडियो में संगठन के टॉप कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी (Masood Ilyas Kashmiri) ने स्वीकार किया है कि 7 मई को हुए इस हमले में मौलाना मसूद अजहर (JeM Terrorist Maulana Masood) के परिवार के कई सदस्य मारे गए। यह कबूलनामा न सिर्फ आतंकी संगठन की गहरी चोट को दर्शाता है, बल्कि भारत की रणनीतिक सफलता का भी सबूत है।
यह भी पढ़ें : Pakistani rape gangs : ब्रिटेन में रेप गैंग चला रहे पाकिस्तानी, सनसनीखेज खुलासा
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में इलियास कश्मीरी ऊंची आवाज में माइक्रोफोन पकड़े खड़ा है और उसके पीछे हथियारों से लैस गार्ड दिखाई देते हैं। वह कहता है कि हमने इस जमीन की हिफाजत के लिए दिल्ली, काबुल और कंधार तक लड़ाई लड़ी, लेकिन 7 मई को भारतीय सेनाओं ने बहावलपुर पर वार कर दिया और मौलाना मसूद अजहर के परिवार को टुकड़े-टुकड़े कर दिया (JeM Terrorist Maulana Masood)। यह बयान साफ़ करता है कि भारत की कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद के लिए असहनीय साबित हुई।
बहावलपुर का मरकज सुभानअल्लाह, जो एनएच-5 (Karachi–Torkham Highway) पर स्थित है, लंबे समय से आतंकवाद का गढ़ माना जाता रहा है। यहां से 2019 का पुलवामा हमला (Pulwama Attack 2019) जैसे बड़े आतंकी हमले की साजिश रची गई थी। पुलवामा के हमलावरों को भी इसी कैंप में प्रशिक्षण दिया गया था। इस सुविधा में छह सौ से ज्यादा आतंकी रह चुके हैं और यहां नियमित रूप से प्रशिक्षण शिविर आयोजित होते थे।
इस बड़े सैन्य अभियान (JeM Terrorist Maulana Masood) की जड़ें 22 अप्रैल 2025 की उस घटना से जुड़ी हैं, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) के बैसारन घाटी (Baisaran Valley) में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba, LeT) से जुड़े आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया था।
इस भीषण आतंकी वारदात में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई। इसे हाल के वर्षों में भारत पर हुआ सबसे घातक हमला माना गया। इसी के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान के भीतर तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में फैले आतंकवादी ढांचों को ध्वस्त कर दिया।
यह भी पढ़ें : Pakistan : गरीबी या साजिश नहीं, पाकिस्तान के डीएनए में है आतंकवाद
इस ऑपरेशन में एक साथ नौ बड़े आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया। इनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके (Muridke) में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय शामिल था। भारत की वायुसेना ने इन ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया (JeM Terrorist Maulana Masood)।
पाकिस्तान ने जवाबी कोशिश करते हुए लगातार दो रात ड्रोन और मिसाइल हमले किए, लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली (India’s Air Defence System) ने इन्हें समय रहते नाकाम कर दिया। इस वजह से भारतीय सीमा में न तो कोई जनहानि हुई और न ही संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
इसके बाद भारत ने और भी सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के अहम वायु ठिकानों पर प्रिसिशन स्ट्राइक की। इसमें नूर खान एयरबेस (Nur Khan Airbase) और रहीम यार खान एयरबेस (Rahim Yar Khan Airbase) जैसे महत्वपूर्ण ठिकाने शामिल थे। इन हमलों ने पाकिस्तान को यह संदेश दे दिया कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले को हल्के में नहीं लेगा और हर कीमत पर जवाब देगा।
जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर का यह वीडियो इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि भारत की कार्रवाई ने आतंकी संगठनों की कमर तोड़ दी है (JeM Terrorist Maulana Masood)। ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ जैश बल्कि पूरे आतंकवादी नेटवर्क को गहरा संदेश दिया है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों का बदला अब और भी ज्यादा ताकत और तैयारी के साथ लिया जाएगा।
Boycott India Pakistan cricket match : क्या क्रिकेट खेलने से पाकिस्तान आतंकवाद भूल जाएगा?



