

बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने पहली बार खुलकर बताया कि वह कई सालों तक एक गंभीर बीमारी से जूझते रहे। यह बीमारी है ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया (Salman Khan Trigeminal neuralgia), जिसे लोग दर्द की तीव्रता की वजह से सुसाइड डिजीज (Suicide Disease) भी कहते हैं।
सलमान खान ने काजोल और ट्विंकल खन्ना के साथ एक शो में कहा – जब मुझे यह बीमारी थी, तो इतना भयानक दर्द होता था कि आप अपने सबसे बड़े दुश्मन को भी यह तकलीफ नहीं देना चाहेंगे। यह सात साल से ज्यादा वक्त तक चला। (Salman Khan Trigeminal neuralgia)
उन्होंने बताया कि साधारण काम जैसे नाश्ता करना भी असंभव हो गया था। एक साधारण ऑमलेट खाने में डेढ़ घंटा लग जाता था। (Salman Khan Trigeminal neuralgia)
ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया क्या है? (Salman Khan Trigeminal neuralgia)
यह रोग चेहरे की ट्राइजेमिनल नस (Trigeminal Nerve) से जुड़ा है। यह नस माथे, गाल, जबड़े और आंख तक संवेदनाएं पहुंचाती है। जब इस पर दबाव पड़ता है या इसमें सूजन आती है, तो अचानक तेज बिजली के झटके जैसा दर्द महसूस होता है।
यह दर्द कुछ सेकंड से दो मिनट तक रह सकता है। कई बार यह रोजाना बार-बार होता है और साधारण काम – जैसे खाना, दांत साफ करना, दाढ़ी बनाना या हल्की हवा लगना भी इसे ट्रिगर कर देता है।
यह भी पढ़ें : Hapur : मरीज के पेट से निकले 29 चम्मच और 19 ब्रश
लक्षण (Symptoms)
- चेहरे पर अचानक बिजली जैसे झटके महसूस होना
- एक ही तरफ दर्द रहना
- छोटे-छोटे काम करते वक्त दर्द शुरू हो जाना
- बीच-बीच में आराम मिलना लेकिन बार-बार दर्द लौट आना
- कभी-कभी लगातार जलन या हल्का दर्द बना रहना
कारण (Causes)
- चेहरे की नस पर खून की नस का दबाव पड़ना
- नस की परत (Myelin Sheath) का खराब होना
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी बीमारी
- ब्रेन ट्यूमर या नस की चोट
- कुछ मामलों में कोई कारण नहीं मिल पाता (Idiopathic TN)
यह भी पढ़ें : Vrat Tips : क्या आप व्रत से पहले यह करती हैं? जानिए व्रत रखने और तोड़ने का सही तरीका
इलाज (Treatment)
दवाएं : खास तरह की एंटी-सीजर दवाएं (Anti-seizure drugs) जिनसे नस की गतिविधि नियंत्रित होती है। मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं।
इनसे शुरुआती राहत मिलती है लेकिन लंबे समय में असर कम हो सकता है और चक्कर, थकान जैसे साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।
सर्जरी और अन्य उपाय : माइक्रोवैस्कुलर डीकम्प्रेशन (Microvascular Decompression) – नस पर दबाव डाल रही खून की नस को हटाया या बदला जाता है।
गामा नाइफ रेडियोसर्जरी (Gamma Knife Radiosurgery) – बिना चीरा लगाए रेडिएशन से इलाज।
रेडियोफ्रीक्वेंसी थेरेपी, बैलून कम्प्रेशन, ग्लिसरॉल इंजेक्शन – दर्द कम करने के छोटे और कम जोखिम वाले उपाय।
यह भी पढ़ें : French Fries : कितनी फ्रेंच फ्राइज खाते हैं आप? पहले इसके खतरों के बारे में जान लीजिए
बीमारी के साथ जीना
इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि दर्द अचानक आता है और इतना तीव्र होता है कि मरीज मानसिक रूप से भी टूटने लगता है।
डॉक्टर मानते हैं कि ठंडी हवा और चेहरे को छूने जैसी चीजों से बचना चाहिए। हल्की कसरत और ध्यान (Meditation) मददगार होता है। समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।
मरीजों को भावनात्मक सहारा और सपोर्ट ग्रुप से मदद लेनी चाहिए।
क्यों जरूरी है जागरूकता?
सलमान खान का अनुभव (Salman Khan Trigeminal neuralgia) दिखाता है कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसी बीमारियों के बारे में समाज में जानकारी बहुत कम है। इस रोग के मरीज सिर्फ शारीरिक दर्द ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से भी जूझते हैं।
इसलिए जरूरी है कि लोग इसके लक्षण पहचानें, समय रहते इलाज करवाएं और मरीजों को अकेला न छोड़ें।
Mosquito Factory : इस फैक्ट्री में खून पिलाकर क्यों पाले जा रहे करोड़ों मच्छर?



