
गरमा-गरम, सुनहरे और नमक के हल्के स्वाद वाले फ्रेंच फ्राइज (French Fries) का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। इन्हें अक्सर हम बर्गर या सैंडविच के साथ साइड डिश के तौर पर खाते हैं, और कई लोगों के लिए ये एक तरह का कम्फर्ट फूड हैं।
लेकिन यही चटपटा स्नैक (French Fries) सेहत के लिहाज़ से कई बार सवालों के घेरे में रहा है। कभी इन्हें कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला बताया गया, तो कभी इन्हें मोटापे और दिल की बीमारियों का कारण माना गया। अब एक लंबे और बड़े अध्ययन ने इसमें एक और पहलू जोड़ दिया है – टाइप 2 डायबिटीज़ (Type 2 Diabetes) का बढ़ा हुआ खतरा।
French Fries के बारे में क्या कहता है नया अध्ययन?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) और उसके सहयोगियों ने लगभग 40 साल के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें दो लाख से अधिक लोग शामिल थे। नतीजों में सामने आया कि हफ्ते में तीन अतिरिक्त सर्विंग फ्रेंच फ्राइज (French Fries) खाने से डायबिटीज़ का जोखिम करीब 20% बढ़ जाता है। अगर कोई व्यक्ति हफ्ते में पांच या उससे ज्यादा बार इन्हें खाता है, तो यह खतरा लगभग 27% तक पहुंच सकता है।
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इसके उलट, उबले, बेक्ड या मैश किए आलू का सेवन इस खतरे से खास तौर पर जुड़ा नहीं पाया गया। दिलचस्प बात यह रही कि जब फ्राइज (French Fries) की जगह whole grains या नॉन-स्टार्ची सब्ज़ियां ली गईं, तो जोखिम घटा, जबकि white rice लेने पर खतरा बढ़ गया।
सिर्फ मोटापा ही वजह नहीं
अक्सर माना जाता है कि फ्रेंच फ्राइज (French Fries) की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे वजन बढ़ाते हैं, और वजन बढ़ना डायबिटीज की जड़ है। लेकिन इस अध्ययन में पाया गया कि बॉडी मास इंडेक्स (BMI) यानी वजन और लंबाई का अनुपात, इस खतरे का केवल आधा हिस्सा समझा सकता है। इसका मतलब है कि फ्राइज (French Fries) में मौजूद वसा, नमक, और उनका हाई ग्लाइसेमिक असर, अपने आप में भी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
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French Fries पर पुरानी बहस
फ्रेंच फ्राइज (French Fries) को लेकर बहस कोई नई नहीं है। 2000 के दशक की शुरुआत में ही वैज्ञानिकों ने चेताया था कि इन्हें तलने के दौरान acrylamide नामक केमिकल बनता है, जो जानवरों पर किए गए प्रयोगों में कैंसर से जुड़ा मिला था। हालांकि बाद में माना गया कि रोजमर्रा की डाइट में इसकी मात्रा बहुत कम होती है, फिर भी चर्चा थमी नहीं।
2017 में एक और शोध में दावा किया गया कि हफ्ते में दो से ज्यादा बार फ्राइज (French Fries) खाने वालों में समय से पहले मौत का खतरा दोगुना था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना था कि ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि ज्यादा फ्राइज खाने वालों की बाकी जीवनशैली भी अस्वस्थ होती है – जैसे फास्ट फूड का अधिक सेवन, धूम्रपान और कम शारीरिक गतिविधि।
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संयम ही सबसे अच्छा विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्राइज (French Fries) को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, लेकिन इन्हें हफ्ते में एक बार या उससे भी कम खाना बेहतर है। एक बार में कितना खाते हैं, यह भी अहम है। एक मानक सर्विंग केवल 10–15 फ्राइज की होती है। इतने में 130–150 कैलोरी होती है। हालांकि रेस्टोरेंट्स में इससे तीन-चार गुना ज्यादा French Fries दी जाती हैं।
अगर मन करे तो कम तेल में ओवन-बेक्ड फ्राइज ट्राई करें, या इन्हें सलाद के साथ खाएं ताकि ब्लड शुगर पर असर कम हो।
भारत में बढ़ता खतरा
भारत पहले ही टाइप 2 डायबिटीज के मामलों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में शहरी और अब छोटे कस्बों तक फैल चुके वेस्टर्न-स्टाइल फास्ट फूड, जैसे फ्रेंच फ्राइज, आने वाले समय में सेहत के लिए और बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
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