
Mahagathbandhan manifesto : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इसे तेजस्वी का प्रण पत्र (Tejashwi Ka Prann Patra) नाम दिया गया है। इस मौके पर गठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि यह केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि बिहार को नंबर वन बनाने का संकल्प है।
उन्होंने कहा, ‘आज हमारे लिए यह खास दिन है। हमने जनता के सामने एक ऐसा संकल्प पत्र रखा है जो बिहार के विकास की दिशा तय करेगा। यह केवल दलों का नहीं, बल्कि दिलों का प्रण पत्र है। अगर हमें अपने प्राण देकर भी इसे पूरा करना पड़े, तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे। जब कोई बिहारी ठान लेता है, तो उसे पूरा करके दिखाता है।’ (Mahagathbandhan manifesto)
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि कुछ बाहरी शक्तियां बिहार को उपनिवेश की तरह नियंत्रित करना चाहती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के प्रति सहानुभूति जताई और कहा, भाजपा और भ्रष्ट अफसरों ने उन्हें कठपुतली बना दिया है। उनके चेहरे का इस्तेमाल सिर्फ सत्ता बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
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तेजस्वी ने कहा कि अमित शाह (Amit Shah) पहले ही साफ कर चुके हैं कि नीतीश कुमार एनडीए (NDA) के मुख्यमंत्री नहीं होंगे। एनडीए अब तक यह तय नहीं कर सका कि उसका सीएम चेहरा कौन होगा, जबकि महागठबंधन ने जनता के सामने अपना नेता घोषित कर दिया है।
उन्होंने कहा, भाजपा के नेताओं की बातों में सिर्फ नकारात्मकता है। वे बिहार को आगे बढ़ाने की कोई ठोस योजना नहीं बताते। तेजस्वी यादव ने कहा कि आने वाले पांच साल में बिहार का क्या ब्लूप्रिंट होगा, यह एनडीए अब तक तय नहीं कर पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में अर्धसैनिक बलों की 1500 कंपनियां लगाई गई हैं, ताकि माहौल प्रभावित किया जा सके। लेकिन जनता वोट की चोरी नहीं होने देगी। तेजस्वी ने कहा कि जिन इलाकों में पिछली बार महागठबंधन को 60% से अधिक वोट मिले थे, वहां मतदान धीमा कराने की साजिश हो रही है।
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‘हर परिवार को नौकरी देंगे, बजट की चिंता मत कीजिए’ (Mahagathbandhan manifesto)
तेजस्वी यादव ने कहा कि रोजगार को लेकर महागठबंधन ने ठोस योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता भ्रष्ट सरकार को हटाकर रहेगी। सरकारी दफ्तरों में बिना पैसा दिए कोई काम नहीं होता। अब समय बदलने का है।
जब उनसे पूछा गया कि इतनी नौकरियों के लिए बजट कहां से आएगा, तो तेजस्वी ने जवाब दिया, हम झूठे वादे नहीं करते। हर वादा एक्सपर्ट्स से चर्चा के बाद किया गया है। 2020 में भी यही सवाल पूछा गया था, लेकिन हमने 17 महीनों में अपने वादे पूरे कर दिखाए। इस बार भी हर परिवार को नौकरी देंगे। आप बजट की चिंता मत कीजिए। (Mahagathbandhan manifesto)
तेजस्वी ने कहा, 14 नवंबर को आने वाली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बेटी या बेटा अपने माता-पिता को छोड़कर मजबूरी में बाहर न जाए। यही हमारा संकल्प है – बिहार में ही रोजगार देना। (Mahagathbandhan manifesto)
वीआईपी पार्टी (VIP Party) के प्रमुख मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) ने कहा कि यह घोषणा पत्र (Mahagathbandhan manifesto) बिहार के नए युग की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए ने अब तक कोई घोषणा पत्र जारी नहीं किया क्योंकि उन्हें लगता है कि बिहार पहले से खुशहाल है। लेकिन जनता बदलाव चाहती है। महागठबंधन की सरकार बनना अब तय है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme)
भाकपा माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य (Dipankar Bhattacharya) ने कहा कि संकल्प पत्र (Mahagathbandhan manifesto) में मंडी व्यवस्था को फिर से शुरू करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की बात की गई है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने कहा कि यह सिर्फ घोषणा पत्र (Mahagathbandhan manifesto) नहीं, प्रतिज्ञा पत्र है। महागठबंधन की सरकार बनते ही इसे लागू किया जाएगा।
महागठबंधन के प्रमुख वादे (Mahagathbandhan manifesto)
महागठबंधन ने अपने प्रण पत्र (Prann Patra) में कई बड़े और जनहित से जुड़े वादे किए हैं, जिनमें सामाजिक न्याय, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और किसानों की सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है। घोषणा पत्र (Mahagathbandhan manifesto) के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं –
- 50% की सीमा खत्म कर आरक्षण को जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाने के लिए नया कानून लाया जाएगा।
- पंचायती और नगरीय निकायों में आरक्षण बढ़ाया जाएगा।
- हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी।
- पुरानी पेंशन योजना लागू होगी।
- ‘माई-बहिन मान योजना’ के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी।
- वक्फ संशोधन विधेयक को रोका जाएगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाया जाएगा।
- बौद्ध गया स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपा जाएगा।
- किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी दी जाएगी।
- जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।



