
Assembly election counting : पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की काउंटिंग 4 मई को होगी। दोपहर तक नतीजे साफ होने की उम्मीद है।
वैसे तो चुनाव चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए, लेकिन सबसे ज्यादा नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (TMC vs BJP) पहली बार राज्य में सरकार बनाने का सपना देख रही है (Assembly election counting)।
वहीं असम में हिमंत बिस्वा शर्मा की स्थिति पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है (Assam Tamil Nadu Kerala Puducherry election)।
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चुनाव अलग, परिणाम साथ आ रहे (Assembly election counting)
करीब एक महीने तक चले इस चुनावी महासमर में अलग-अलग चरणों में मतदान कराया गया। केरल की 140 सीटों और असम की 126 सीटों पर सबसे पहले वोटिंग हुई, जबकि पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी इसी चरण में मतदान हुआ।
तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान कराया गया, जबकि पश्चिम बंगाल में 293 सीटों (फालता सीट को छोड़कर) पर दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले गए। अब सभी को 4 मई सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली मतगणना का इंतजार है, जहां शुरुआती रुझान सुबह से आने लगेंगे और दोपहर तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है (Assembly election counting)।
बंगाल में चुनाव आयोग की तैयारी
मतगणना को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए Election Commission of India ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पश्चिम बंगाल में 77 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी और उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोट गिने जाएंगे।
उम्मीदवारों, एजेंटों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराया जाएगा। आयोग ने 432 काउंटिंग ऑब्जर्वर तैनात किए हैं, ताकि हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।
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बंगाल में बेलवेदर सीट का महत्व
पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर खास बात यह है कि यहां 37 सीटों को बेलवेदर सीट्स माना जाता है। इन सीटों का इतिहास बताता है कि 1977 से अब तक जिस पार्टी ने इन पर ज्यादा जीत हासिल की, वही राज्य में सरकार बनाने में सफल रही है। ये सीटें कुल 294 सीटों का करीब 13 प्रतिशत हिस्सा हैं और पूरे राज्य में फैली हुई हैं, जिससे इनके नतीजे पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकते हैं (Assembly election counting)।
मतगणना के दौरान कुछ जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर 24 परगना में 33 सीटों के लिए सबसे ज्यादा 49 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं, जबकि दक्षिण 24 परगना में 31 सीटों के लिए 45 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। वहीं अलीपुरद्वार में सबसे कम 6 ऑब्जर्वर तैनात हैं। राजधानी कोलकाता की 11 सीटों के लिए 12 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं।



