
New Zealand will eliminate feral cats : दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक न्यूजीलैंड अब एक बहुत सख्त और विवादित मिशन पर निकल पड़ा है। देश ने घोषणा की है कि वह 2050 तक अपनी जमीन से ‘फेरल कैट’ यानी जंगली बिल्लियों को पूरी तरह खत्म कर देगा। यह फैसला अचानक नहीं आया। यह उस लड़ाई का अगला कदम है जिसमें न्यूजीलैंड अपनी नाज़ुक और अनोखी पक्षी प्रजातियों को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।
फेरल कैट आखिर होती क्या है?
हमारे घरों में घूमने वाली पालतू बिल्ली और फेरल कैट में फर्क उतना ही है जितना किसी पालतू गाय और जंगली भैंस में होता है। पालतू बिल्ली इंसानों के साथ रहती है, दाना-पानी पर निर्भर रहती है, और स्वभाव में नरम होती है।
फेरल कैट पूरी तरह जंगली होती है। इंसानों के संपर्क में नहीं आती। खुद शिकार करके खाती है। बेहद आक्रामक और शिकारी स्वभाव की होती है।
न्यूजीलैंड के जंगलों में मिलने वाली फेरल कैट पूरे एक मीटर तक लंबी और 7 किलो तक भारी हो सकती है। ये बिलकुल अलग किस्म का शिकारी जानवर है।
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न्यूजीलैंड इन्हें क्यों हटाना चाहता है? (New Zealand will eliminate feral cats)
न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसके यहां पक्षियों की बहुत सी प्रजातियां उड़ नहीं सकतीं – जैसे Kiwi और कई अन्य दुर्लभ पक्षी। यह द्वीप हजारों साल तक ऐसे चला कि वहां लगभग कोई बड़ा शिकारी जानवर नहीं था। इसलिए इन पक्षियों को कभी यह सीखने की जरूरत नहीं पड़ी कि शिकारी से कैसे बचना है।
लेकिन जब इंसान अपने साथ बिल्लियां, चूहे, स्टोट्स और फरेट जैसे शिकारी लेकर पहुंचे, तो इन दुर्लभ पक्षियों पर आफत टूट पड़ी। फेरल कैट यानी जंगली बिल्लियों ने कई प्रजातियों को खत्म कर दिया।
Rakiura Stewart Island पर Southern Dotterel (Pukunui) नाम की चिड़िया लगभग गायब हो गई। ज्यादातर का शिकार बिल्लियों ने किया। Mount Ruapehu के पास चमगादड़ों की कॉलोनियां बिल्लियाँ खत्म कर चुकी हैं। इसी तरह कई छोटे देशी पक्षी तो बिल्लियों के आने के बाद पूरी तरह लुप्त हो गए (New Zealand will eliminate feral cats)।
न्यूजीलैंड में बिल्लियों का कोई प्राकृतिक दुश्मन नहीं है, इसलिए उनका प्रकोप बहुत तेजी से फैलता है। आज स्थिति यह है कि देश में 25 लाख से ज्यादा फेरल कैट घूम रही हैं।
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पहले भी हुआ है विवाद
न्यूजीलैंड बिल्लियों को बेहद पसंद करता है। यहां हर घर में लगभग दो-दो बिल्लियां रखना आम बात है। इसलिए 2013 में जब पर्यावरणविद् Gareth Morgan ने सुझाव दिया कि देश को बिल्ली की आबादी कम करनी चाहिए (New Zealand will eliminate feral cats), तो देश भर में बवाल मच गया।
कई लोग तो सिर्फ यह सुनकर नाराज हो गए कि बिल्लियों को हटाने की बात भी कैसे की जा सकती है। लेकिन अब, कई सालों के रिसर्च और लगातार घटती पक्षी आबादी को देखकर लोगों की राय बदलने लगी है। सरकार की नई ड्राफ्ट पॉलिसी पर आए फीडबैक में 90% लोगों ने फेरल कैट नियंत्रण (New Zealand will eliminate feral cats) का समर्थन किया।
क्या पालतू बिल्लियां भी खतरा हैं?
हां, और यह न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी दुविधा है। पालतू बिल्ली भले घर में रहती हो, लेकिन बाहर निकलकर वह भी पक्षियों का शिकार करती है। इसलिए कई संगठन अब कह रहे हैं कि पालतू बिल्लियों को घर के अंदर रखें, माइक्रोचिप अनिवार्य की जाए और जन्म नियंत्रण हो। लोगों ने नारा दिया है – Every cat in a lap – यानी हर बिल्ली गोद में हो, बाहर नहीं।
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पहले भी आजमाया जा चुका है तरीका
न्यूजीलैंड ने अपने नाज़ुक पक्षी तंत्र को बचाने के लिए यह तरीका पहले भी अपनाया है। उसके प्रिडेटर फ्री मिशन में
चूहे, स्टोट्स और पॉसम भी हैं।
इन शिकारी प्रजातियों को नियंत्रित करके देश ने कई छोटे द्वीपों को predator-free घोषित भी किया है। इन जगहों पर पक्षियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।
लेकिन फेरल कैट (New Zealand will eliminate feral cats) को सूची में शामिल करना अब तक का सबसे बड़ा और कठिन कदम है, क्योंकि बिल्ली भावनाओं से जुड़ी प्रजाति है।
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