
Akhilesh Yadav vs Amit Shah : लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से कहा कि महिला आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना कराई जानी चाहिए। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके साथ जाति आधारित जनगणना भी कराई जाएगी।
यह बहस उस समय हुई जब केंद्र सरकार ने विस्तारित बजट सत्र के दौरान महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया। लोकसभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के सिद्धांत के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन के जरिए लागू करने का विरोध करती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में नई जनगणना ही नहीं हुई है, तो सरकार इतनी जल्दी महिला आरक्षण क्यों लागू करना चाहती है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनगणना में देरी कर रही है, क्योंकि अगर जनगणना हुई तो जातिगत जनगणना की मांग भी उठेगी और फिर आरक्षण का मुद्दा सामने आएगा (Akhilesh Yadav vs Amit Shah)।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में जनता के साथ धोखा करना चाहती है। अखिलेश यादव के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि देशभर में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल हाउस लिस्टिंग का काम चल रहा है और इसके बाद जाति आधारित जनगणना भी कराई जाएगी।
अमित शाह ने तंज कसते (Akhilesh Yadav vs Amit Shah) हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की चले तो वह घरों की भी जाति तय कर दे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार जनगणना और जाति जनगणना दोनों कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
समाजवादी पार्टी ने बिल का क्यों किया विरोध?
समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी तीनों प्रस्तावित विधेयकों का संवैधानिक आधार पर विरोध करती है (Akhilesh Yadav vs Amit Shah)।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान की मूल भावना को बदलने की कोशिश कर रही है, खासकर जब जनगणना और परिसीमन को अलग-अलग किया जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण बिल का समर्थन तभी करेगी, जब इसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए भी प्रावधान किया जाएगा।
मुस्लिम आरक्षण पर भी छिड़ी बहस
बहस के दौरान अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान के खिलाफ है और मुस्लिमों के लिए किसी भी प्रकार का आरक्षण असंवैधानिक होगा।
इस पर अखिलेश यादव ने सवाल किया कि क्या मुस्लिम आबादी 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा से बाहर है? जवाब में अमित शाह ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे तो अपने टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, सरकार उन्हें नहीं रोक रही (Akhilesh Yadav vs Amit Shah)।
जब बहस तीखी होती गई तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया और सदस्यों से कहा कि सीधे टकराव वाली बहस से बचें और सदन की मर्यादा बनाए रखें।



