
Masik Shivratri : मासिक शिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के भक्तों के लिए अत्यंत खास दिन होता है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शिव और शक्ति का मिलन होता है और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) की तिथि
दिसंबर माह में मासिक शिवरात्रि का व्रत 18 दिसंबर को है। इस दिन कुंवारी कन्याओं के विवाह की कामना पूरी होती है और विवाहित महिलाओं का वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है।
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मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का शुभ मुहूर्त
- तिथि आरंभ : 18 दिसंबर 2025, सुबह 2:32
- तिथि समापन : 19 दिसंबर 2025, सुबह 4:59
- पहला पूजा मुहूर्त : सुबह 11:57 – दोपहर 12:38
- रात्रि पूजा मुहूर्त : रात 11:51 – देर रात 12:45
शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें : गंगाजल, बेलपत्र, भांग और धतूरा, फूल माला, दूध और दही, चंदन, फल, सफेद रंग की मिठाई।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का महत्व
हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का विशेष स्थान है। इस दिन महाकाल की उपासना और उनके नाम का स्मरण करने से वह प्रसन्न होते हैं। इसके प्रभाव से साधक साहसी और निडर बनता है। शास्त्रों के अनुसार, यह दिन शिव और पार्वती के मिलन का प्रतीक है। कन्याओं को शिवलिंग का जलाभिषेक करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है, जिससे मनचाहा जीवनसाथी जल्दी मिलता है।
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मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) पूजा विधि
- एक साफ चौकी पर शिव परिवार की स्थापना करें।
- उन्हें वस्त्र अर्पित करें और चंदन का तिलक लगाएं।
- शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही और शहद से अभिषेक करें।
- महादेव को बेलपत्र और फूल माला अर्पित करें।
- शिवजी को गेहूं, फल और सफेद मिठाई चढ़ाएं।
- घी का दीप जलाएं और शिव मंत्रों का जप करें।
- मासिक शिवरात्रि की कथा का पाठ करें।
- महादेव की आरती करें और उन्हें शक्कर भोग अर्पित करें।
- अंत में जरूरतमंदों को चावल, दूध या धन का दान करें।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) व्रत को करने से न केवल वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, बल्कि जीवन में समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी मिलती है।
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