
Worlds 10 oldest religions : मानव इतिहास जितना पुराना है, उतनी ही पुरानी उसकी आध्यात्मिक जिज्ञासा भी है। जब इंसान ने प्रकृति, मृत्यु और जीवन के अर्थ पर सवाल पूछने शुरू किए, तभी से आध्यात्मिक सोच का जन्म हुआ। हालांकि संगठित धर्म बाद में विकसित हुए, लेकिन विश्वास, पूजा और नैतिक नियम मानव सभ्यता के साथ-साथ आगे बढ़ते रहे।
दुनिया के प्राचीन धर्म न सिर्फ पूजा-पद्धतियां हैं, बल्कि वे कानून, संस्कृति, दर्शन और सामाजिक ढांचे की नींव भी रहे हैं। आइए जानते हैं मानव इतिहास के कुछ सबसे पुराने धर्मों के बारे में और यह भी कि इनमें से कौन-कौन से धर्म आज भी जीवित हैं (Worlds 10 oldest religions)।
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हिंदू धर्म (Hinduism) : सनातन परंपरा
हिंदू धर्म, जिसे सनातन धर्म (Sanatana Dharma) कहा जाता है, दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है। इसकी उत्पत्ति भारतीय उपमहाद्वीप में हुई और इसकी कोई एक निश्चित स्थापना तिथि या एक संस्थापक नहीं है (Worlds 10 oldest religions)।
ऋग्वेद, जो लगभग 1500 ईसा पूर्व (BCE) का माना जाता है, हिंदू धर्म का सबसे पुराना ग्रंथ है। यज्ञ, पूजा, योग, ध्यान, कर्म और पुनर्जन्म जैसी अवधारणाएं हिंदू दर्शन की पहचान हैं। आज भी हिंदू धर्म भारत, नेपाल और दुनिया के कई हिस्सों में करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा है।
यहूदी धर्म (Judaism) : एक ईश्वर की परंपरा
यहूदी धर्म की जड़ें पैगंबर अब्राहम (Abraham) से जुड़ी मानी जाती हैं, जिनसे ईश्वर ने लगभग 2000 BCE में वाचा की। बाद में मूसा (Moses) को सीनाई पर्वत पर दस आज्ञाएं (Ten Commandments) मिलीं।
70 ईस्वी (CE) में दूसरे मंदिर के विनाश के बाद यहूदियों का डायस्पोरा शुरू हुआ, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखी। आज यहूदी धर्म दुनिया भर में फैले समुदायों द्वारा अपनाया जाता है (Worlds 10 oldest religions)।
जारथुस्त्र धर्म (Zoroastrianism) : अच्छाई और बुराई का संघर्ष
प्राचीन फारस में पैगंबर जरथुस्त्र (Zoroaster) द्वारा स्थापित यह धर्म दुनिया के सबसे पुराने एकेश्वरवादी (Monotheistic) धर्मों में से एक है।
इसका पवित्र ग्रंथ अवेस्ता (Avesta) है। यह धर्म अच्छे विचार, अच्छे शब्द और अच्छे कर्म पर जोर देता है। आज इसके अनुयायी मुख्य रूप से ईरान और भारत के पारसी समुदाय में पाए जाते हैं।
बौद्ध धर्म (Buddhism) : दुख से मुक्ति का मार्ग
बौद्ध धर्म की शुरुआत सिद्धार्थ गौतम (भगवान बुद्ध) के ज्ञान प्राप्ति के साथ हुई, जो आज के नेपाल क्षेत्र में जन्मे थे। चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग इस धर्म की मूल शिक्षा हैं।
बौद्ध धर्म एशिया के कई देशों – जैसे श्रीलंका, थाईलैंड, चीन, जापान और कोरिया में गहराई से फैला हुआ है और आज भी करोड़ों लोग इसका पालन करते हैं (Worlds 10 oldest religions)।
जैन धर्म (Jainism) : अहिंसा का सर्वोच्च सिद्धांत
जैन धर्म भारत में बौद्ध धर्म के समान समय में विकसित हुआ। इसे महावीर स्वामी, 24वें तीर्थंकर, ने संगठित रूप दिया। अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य जैन धर्म के मूल स्तंभ हैं। जैन समुदाय आज भी शाकाहार और संयमित जीवन के लिए जाना जाता है।
कन्फ्यूशियसवाद (Confucianism) : नैतिक दर्शन
कन्फ्यूशियसवाद को पारंपरिक अर्थों में धर्म कहना शायद ठीक नहीं होगा। यह अधिकतर एक नैतिक और सामाजिक दर्शन है, जिसकी नींव कन्फ्यूशियस (Confucius) ने रखी।
कन्फ्यूशियसवाद में ईश्वर की पूजा से ज्यादा जोर है – अच्छे इंसान बनने पर, सही आचरण पर, समाज में जिम्मेदारी निभाने पर।
कन्फ्यूशियस मानते थे कि अगर व्यक्ति सही होगा, तो परिवार सही होगा, और अगर परिवार सही होगा, तो पूरा समाज संतुलित रहेगा। उनके मुख्य सिद्धांत हैं – Ren (करुणा और मानवता), Li (शिष्टाचार और परंपरा), Xiao (माता-पिता का सम्मान)।
चीन, कोरिया, जापान और वियतनाम में प्रशासन, शिक्षा और पारिवारिक संरचना पर कन्फ्यूशियसवाद का गहरा असर रहा है। यह दर्शन आज भी स्कूलों, दफ्तरों और सामाजिक व्यवहार में जीवित है (Worlds 10 oldest religions)।
ताओवाद (Taoism) : प्रकृति के साथ सामंजस्य
ताओवाद, जिसे दाओवाद (Daoism) भी कहा जाता है, चीन की सबसे गूढ़ और दार्शनिक परंपराओं में से एक है। इसकी जड़ें छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मानी जाती हैं और इसके प्रमुख प्रवर्तक लाओत्से (Laozi) माने जाते हैं।
ताओ का अर्थ है – मार्ग, प्राकृतिक नियम, या ब्रह्मांड का मूल सिद्धांत। ताओवाद यह नहीं कहता कि दुनिया को बदला जाए, बल्कि यह सिखाता है कि दुनिया के साथ तालमेल बिठाकर जिया जाए। Tao Te Ching इसका प्रमुख ग्रंथ है, जो जीवन को प्रकृति के प्रवाह के साथ जीने की सीख देता है। आज भी ताओवाद चीन, ताइवान और एशिया के कई हिस्सों में मौजूद है (Worlds 10 oldest religions)।
शिंतो धर्म (Shinto) : जापान की आत्मा
शिंतो जापान का पारंपरिक धर्म है, जिसमें कामी (Kami) यानी प्रकृति और पूर्वजों की आत्माओं की पूजा की जाती है। इसका कोई एक संस्थापक या केंद्रीय ग्रंथ नहीं है। शिंतो में पाप और मोक्ष की जगह शुद्धता (Purity) का विचार ज्यादा महत्वपूर्ण है।
प्राचीन यूनानी और सेल्टिक धर्म
यूनानी धर्म में जीउस, हेरा, एथेना जैसे देवताओं की पूजा होती थी। सेल्टिक धर्म में प्रकृति को पवित्र माना जाता था और ड्रुइड्स महत्वपूर्ण धार्मिक भूमिका निभाते थे। ये धर्म अब संगठित रूप में प्रचलित नहीं हैं, लेकिन इनके प्रभाव आज भी संस्कृति और साहित्य में दिखते हैं (Worlds 10 oldest religions)।
ईसाई धर्म (Christianity) : प्रेम और उद्धार का संदेश
ईसाई धर्म की स्थापना ईसा मसीह (Jesus Christ) की शिक्षाओं पर आधारित है। 33 ईस्वी के आसपास शुरू हुआ यह धर्म आज दुनिया का सबसे बड़ा धर्म बन चुका है। प्रेम, क्षमा और मोक्ष इसका मूल संदेश है।
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