
May Vrat Tyohar : मई का महीना सनातन धर्म और ज्योतिष के लिहाज से बेहद खास और पवित्र माना जा रहा है। इस महीने की शुरुआत ही बुद्ध पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण पर्व से होती है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संकेत देता है। पूरे महीने में व्रत-त्योहार, ग्रह गोचर और सबसे खास अधिक ज्येष्ठ मास (पुरुषोत्तम मास) का दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा।
खास बात यह है कि 17 मई से शुरू होने वाला अधिक मास साधना, दान और भगवान विष्णु की भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। वहीं, 17 मई से पहले विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए कई शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध हैं (May Vrat Tyohar)।
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मई के व्रत और त्योहार (May Vrat Tyohar)
मई का महीना धार्मिक दृष्टि से काफी व्यस्त रहने वाला है। हर कुछ दिनों में कोई न कोई महत्वपूर्ण व्रत या पर्व आ रहा है।
1 मई : कूर्म जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयंती, वैशाख पूर्णिमा
2 मई : नारद जयंती, ज्येष्ठ माह की शुरुआत
5 मई : एकदन्त संकष्टी, पहला बड़ा मंगल
9 मई : कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
12 मई : हनुमान जयंती, दूसरा बड़ा मंगल
13 मई : परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी
14 मई : अपरा एकादशी पारण, गुरु प्रदोष व्रत (May Vrat Tyohar)
15 मई : वृषभ संक्रांति, मासिक शिवरात्रि
16 मई : वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, अमावस्या
18 मई : रोहिणी व्रत
19 मई : तीसरा बड़ा मंगल
20 मई : वरदा चतुर्थी (May Vrat Tyohar)
21 मई : अधिक स्कंद षष्ठी
23 मई : अधिक मासिक दुर्गाष्टमी
25 मई : गंगा दशहरा
26 मई : चौथा बड़ा मंगल
27 मई : पद्मिनी एकादशी
28 मई : गुरु प्रदोष व्रत
31 मई : ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा (May Vrat Tyohar)
मई में बड़ा मंगल कब-कब है? (May Bada Mangal)
मई के महीने में आने वाले बड़ा मंगल का विशेष महत्व होता है, खासकर भगवान हनुमान की पूजा के लिए।
पहला बड़ा मंगल : 5 मई
दूसरा बड़ा मंगल : 12 मई
तीसरा बड़ा मंगल : 19 मई
चौथा बड़ा मंगल : 26 मई (May Vrat Tyohar)
इस दिन हनुमान जी की पूजा, भंडारा और दान करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
वैशाख पूर्णिमा तिथि और महत्व
वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है 30 अप्रैल रात 09:12 बजे और समाप्त होगी 1 मई रात 10:52 बजे।
इसलिए वैशाख पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण से जुड़ा है, इसलिए इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है (May Vrat Tyohar)।
अपरा एकादशी की तिथि और शुभ समय
एकादशी तिथि शुरू होगी 12 मई दोपहर 02:52 बजे और समाप्त होगी 13 मई दोपहर 01:29 बजे।
अपरा एकादशी 13 मई को मनाई जाएगी। यह व्रत पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है (May Vrat Tyohar)।
वट सावित्री व्रत तिथि
वट सावित्री व्रत 16 मई 2026 को रखा जाएगा। अमावस्या तिथि शुरू होगी 16 मई सुबह 05:11 बजे और समाप्त होगी 17 मई रात 01:30 बजे।
यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देता है (May Vrat Tyohar)।
मई में विवाह के मुहूर्त (May Vivah Muhurat)
अगर आप मई 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि 17 मई के बाद अधिक मास शुरू हो जाएगा, जिसमें विवाह नहीं किए जाते।
शुभ विवाह तिथियां
1 मई : स्वाति नक्षत्र
3 मई : अनुराधा
5-6 मई
8 मई : उत्तराषाढ़ा
13-14 मई
गृह प्रवेश के शुभ दिन
4 मई : अनुराधा नक्षत्र
8 मई : उत्तराषाढ़ा
13 मई : उत्तर भाद्रपद
अधिक मास क्यों है इतना खास?
17 मई से 15 जून 2026 तक अधिक ज्येष्ठ मास रहेगा, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।
यह समय भौतिक कार्यों के बजाय आध्यात्मिक उन्नति के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते। दान, जप, तप और पूजा का विशेष महत्व होता है। भगवान विष्णु की भक्ति सबसे अधिक फलदायी मानी जाती है।



