
Attack on Donald Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नापसंद करने वालों की लिस्ट बहुत लंबी है। उनकी नीतियों की वजह से तमाम लोग उन्हें पसंद नहीं करते। ईरान पर हमले के कारण भी उनसे नफरत करने वाले बहुत हैं। लेकिन अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक हाई-प्रोफाइल इवेंट में जो हुआ, उसने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
शनिवार रात ट्रंप पर एक बार फिर हमले की कोशिश हुई। वॉशिंगटन हिल्टन होटल में White House Correspondents’ Dinner चल रहा था। तभी गोलियों की आवाजों ने वहां मौजूद करीब 2600 मेहमानों को दहशत में डाल दिया। इस घटना में डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सुरक्षित बच गए (Attack on Donald Trump)।
जब गोलियों की आवाज आई, तो लोगों को लगा कि फायरिंग हॉल के अंदर हुई है। ऐसे में लोग टेबल के नीचे छिपने लगे, कुर्सियां गिर गईं और अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत ट्रंप और मेलानिया को अपने घेरे में लेकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। दूसरे महत्वपूर्ण लोगों को भी निकाला गया (Attack on Donald Trump)।
बाद में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने बताया कि आरोपी होटल के प्रवेश पर लगे सिक्योरिटी चेकपॉइंट तक पहुंच गया था, लेकिन वह मुख्य हॉल में दाखिल नहीं हो सका।
बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान
इस हमले में एक सुरक्षा अधिकारी को गोली लगी, लेकिन वह बच गया। ट्रंप ने बताया कि अधिकारी ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिससे उसकी जान बच गई (Attack on Donald Trump)।
कौन है आरोपी?
अधिकारियों ने आरोपी की पहचान Cole Tomas Allen के रूप में की है। वह कैलिफोर्निया का रहने वाला है, उम्र 31 साल है। वह शिक्षक रह चुका है।
जांच में सामने आया कि उसके पास एक शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू थे। वह सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर हमला करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे काबू कर लिया गया (Attack on Donald Trump)।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी पढ़ा-लिखा है और उसने California Institute of Technology से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
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क्या था हमला करने का मकसद?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अमेरिकी प्रशासन के बड़े नेताओं को निशाना बनाना चाहता था। हालांकि अभी तक एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर अंतिम कारण की पुष्टि नहीं की है। ट्रंप का कहना है कि आरोपी अकेला था।
घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बड़े और प्रभावशाली नेताओं को अक्सर ऐसे हमलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने खुद की तुलना ऐतिहासिक नेताओं से करते हुए कहा कि बदलाव लाने वाले लोगों के दुश्मन भी ज्यादा होते हैं (Attack on Donald Trump)।
पीएम मोदी ने की निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना (Attack on Donald Trump) की कड़ी निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने ट्रंप और अन्य नेताओं के सुरक्षित होने पर राहत जताई।
ट्रंप पर पहले भी हुए हमले
- फरवरी 2026 : Mar-a-Lago में हथियारबंद घुसपैठिया, सुरक्षा बलों ने मार गिराया (Attack on Donald Trump)।
- मार्च 2026 : Mar-a-Lago के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन का उल्लंघन, फाइटर जेट्स ने इंटरसेप्ट किया।
- अक्टूबर 2025 : एयर फोर्स वन के पास संदिग्ध स्नाइपर पोजीशन (हंटिंग स्टैंड) मिला।
- अगस्त 2025 : ट्रंप गोल्फ क्लब में लोडेड गन सिक्योरिटी चेक से गुजर गई।
- अगस्त 2025 : महिला द्वारा ऑनलाइन हत्या की धमकी, बाद में गिरफ्तारी।
- मई 2025 : फर्जी ‘असैसिनेशन लेटर’ केस, जांच में साजिश का खुलासा।
- जुलाई 2024 : पेनसिल्वेनिया रैली में ट्रंप पर गोली चलाई गई, जो उनके कान को छूते हुए निकल गई (Attack on Donald Trump)।
- अक्टूबर 2024 : कैलिफोर्निया रैली के पास हथियारों के साथ संदिग्ध गिरफ्तार



