
Bhagwant Mann drunk allegation : पंजाब की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं सीएम भगवंत मान, जिन पर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
शुक्रवार को पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान विपक्ष ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर नशे की हालत में सदन में पहुंचे। इस आरोप के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री सहित सभी विधायकों का तुरंत अल्कोमीटर और डोप टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। बाजवा का कहना है कि अगर आरोप सही हैं, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर सवाल खड़ा करता है (Bhagwant Mann drunk allegation)।
इस विवाद को और हवा तब मिली जब बीजेपी सांसद स्वाति मालीवाल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अल्कोहल टेस्ट से गुजरना चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए (Bhagwant Mann drunk allegation)।
मालीवाल ने आरोप लगाया कि भगवंत मान पहले भी कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों, धार्मिक स्थलों और सरकारी बैठकों में नशे की हालत में देखे गए हैं।
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स्वाति मालीवाल का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि वह हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई हैं। जनवरी 2024 में राज्यसभा सांसद बनीं मालीवाल का पार्टी से विवाद मई 2024 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पार्टी छोड़ने के बाद भी उन्होंने अपने आरोपों को दोहराया है। (Bhagwant Mann drunk allegation)
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब भगवंत मान पर इस तरह के आरोप लगे हैं। साल 2022 में भी विपक्ष ने आरोप लगाया था कि उन्हें फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर दिल्ली आने वाली फ्लाइट से उतार दिया गया था क्योंकि वे कथित तौर पर नशे में थे। उस समय आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया था (Bhagwant Mann drunk allegation)।



