
UP Live News Ganga Expressway : यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल बिछता जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद प्रदेश को एक और तेज रफ्तार सड़क मिली है। uplive24.com पर जानिए इस एक्सप्रेसवे की खासियत।
UP Live News Ganga Expressway : उत्तर प्रदेश में सड़कों का जाल तेजी से फैल रहा है और अब इस कड़ी में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। यह एनसीआर की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों की हालत खराब है। लेकिन भारत विकास के रास्ते पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
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क्या है गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway)?
गंगा एक्सप्रेसवे यूपी का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है, जो मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है। यह 6 लेन का एक्सप्रेस-वे है, जिसे आगे चलकर 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
इसकी खास बात यह है कि यह पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक साथ जोड़ता है। यानी अब राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच दूरी और समय दोनों कम होंगे।
2007 की है परियोजना
इस एक्सप्रेस-वे का विचार नया नहीं है। पहली बार 2007 में इसे प्रस्तावित किया गया था, लेकिन पर्यावरण से जुड़ी दिक्कतों के कारण यह प्रोजेक्ट रुक गया (UP Live News Ganga Expressway)।
फिर 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे दोबारा शुरू किया। 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी और 2022 में इसका निर्माण शुरू हुआ।
करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट अब 2026 में पूरा होकर तैयार है।
क्या हैं इसकी बड़ी खासियतें?
गंगा एक्सप्रेस-वे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाता, बल्कि कई नई सुविधाएं भी देता है।
सबसे खास बात यह है कि शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है, जहां जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी उतर सकते हैं (UP Live News Ganga Expressway)।
पूरे एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। सीसीटीवी कैमरे, स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम और रंबल स्ट्रिप्स लगाए गए हैं, ताकि हादसों को कम किया जा सके।
यहां वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है और दोपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद है।
यात्रा में कितना फर्क पड़ेगा?
पहले मेरठ से प्रयागराज जाने में करीब 10 से 12 घंटे लगते थे। अब इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह सफर 6 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा (UP Live News Ganga Expressway)।
सरकार इस एक्सप्रेस-वे को सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके किनारे आईटी पार्क, टेक्सटाइल पार्क, फार्मा हब और लॉजिस्टिक्स सेंटर बनाए जाएंगे।
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करीब 6,500 एकड़ जमीन पर 12 बड़े इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इससे रोजगार के नए मौके बनेंगे और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा (UP Live News Ganga Expressway)।
किन जिलों को मिलेगा फायदा?
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों से होकर गुजरता है।
इस एक्सप्रेस-वे के बनने से सबसे बड़ा फायदा लॉजिस्टिक्स सेक्टर को होगा। माल ढुलाई तेज होगी और खर्च भी कम होगा (UP Live News Ganga Expressway)।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउसिंग की लागत 10-20% तक कम हो सकती है। इससे कारोबारियों को सीधा फायदा मिलेगा।
इसके अलावा, जमीन की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और छोटे शहरों में रियल एस्टेट तेजी पकड़ सकता है।
अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश ज्यादा विकसित माना जाता था, जबकि पूर्वी हिस्से में विकास थोड़ा धीमा रहा है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेस-वे इन दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करेगा और संतुलित विकास में मदद करेगा (UP Live News Ganga Expressway)।



