
Tax on social media : ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने Meta, Google और TikTok जैसी बड़ी कंपनियों पर नया टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसका मकसद है पत्रकारिता की मदद करना।
सरकार ने इस संबंध में ड्राफ्ट कानून जारी किया है और इसे 2 जुलाई तक संसद में पेश करने की योजना है। सरकार चाहती है कि सोशल मीडिया कंपनियां न्यूज संस्थानों के साथ समझौता करें और पत्रकारिता के लिए पैसा दें। अगर कंपनियां ऐसा नहीं करतीं, तो उन पर उनकी ऑस्ट्रेलिया में होने वाली कमाई का 2.25% टैक्स लगाया जाएगा (Tax on social media)।
आजकल ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर ही खबरें पढ़ते हैं। लेकिन होता यह है कि खबर बनाने वाले मीडिया संस्थानों को कम कमाई होती है, जबकि वही खबरें दिखाकर डिजिटल कंपनियां विज्ञापन से पैसा कमा लेती हैं। इसी गड़बड़ी को ठीक करने के लिए सरकार यह नया नियम ला रही है।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि पत्रकारों के काम की कीमत तय होना जरूरी है। उनका कहना है कि अगर मीडिया मजबूत नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र भी कमजोर होगा (Tax on social media)।
सरकार का प्लान यह है कि अगर कंपनियां न्यूज संस्थानों के साथ समझौता करके उन्हें पैसा नहीं देतीं, तो उन पर टैक्स लगाया जाएगा। लेकिन अगर कंपनियां खुद मीडिया को पैसा देने लगती हैं, तो उन्हें इस टैक्स में छूट मिल जाएगी। यानी सरकार सीधे सजा नहीं देना चाहती, बल्कि कंपनियों को समझौता करने के लिए दबाव बना रही है।
पहले भी आया है ऐसा नियम
यह ऑस्ट्रेलिया का पहला ऐसा कदम नहीं है। इससे पहले 2021 में भी ऐसा नियम लाया गया था। उस समय कंपनियों ने मीडिया हाउस के साथ समझौते किए थे, लेकिन बाद में कई कंपनियों ने खबरें दिखाना कम कर दिया या समझौते खत्म कर दिए। अब सरकार ने और सख्त तरीका अपनाया है (Tax on social media)।
दूसरी तरफ कंपनियां इस फैसले से खुश नहीं हैं। Meta Platforms का कहना है कि मीडिया खुद ही उनके प्लेटफॉर्म पर खबर डालता है, जिससे उन्हें फायदा होता है। ऐसे में जबरदस्ती पैसा लेना (Tax on social media) सही नहीं है। Google का भी कहना है कि वह पहले से ही कई मीडिया संस्थानों को भुगतान कर रही है और यह नया नियम सही नहीं है।
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