
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने सोशल मीडिया पर चल रही स्प्लिट कोचिंग की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की टेस्ट सीरीज़ हार के बाद कुछ विशेषज्ञों, पूर्व खिलाड़ियों और यहां तक कि एक IPL टीम ओनर ने भी सुझाव दिया था कि भारत को लाल गेंद और सफेद गेंद के लिए अलग-अलग कोच रखने चाहिए।
लेकिन गंभीर इन बातों से हैरान भी दिखे और नाराज भी। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेस्ट सीरीज का जिक्र करते हुए कहा, ‘सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसी ने सच्चाई नहीं लिखी।’
गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-1 ODI सीरीज जीत (India wins ODI Series) के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साफ कहा कि परिणाम खराब जरूर रहे, लेकिन किसी ने भी टेस्ट हार के असल कारणों पर बात नहीं की।
उन्होंने (Gautam Gambhir) कहा कि पहले टेस्ट में हमारा कप्तान नहीं खेला। वह दोनों इनिंग्स में बल्लेबाजी नहीं कर पाया। लेकिन किसी मीडिया ने इस बात को मुद्दा नहीं बनाया।
यह कप्तान शुभमन गिल थे, जो गर्दन की चोट के कारण कोलकाता टेस्ट की दोनों पारियों में मैदान पर नहीं उतर पाए। गंभीर के मुताबिक, ऐसे बड़े नुकसान को नजरअंदाज कर सिर्फ पिच और मैनेजमेंट की बातें करना उचित नहीं है।
गंभीर (Gautam Gambhir) ने सबसे कड़ी प्रतिक्रिया उस समय दी जब उन्होंने स्प्लिट कोचिंग पर टिप्पणी करने वालों को अपनी हद में रहने की सलाह दी।
उन्होंने (Gautam Gambhir) कहा कि कुछ लोग क्रिकेट से इतर बातें कर रहे हैं। एक IPL टीम मालिक तक ने स्प्लिट कोचिंग पर लिख दिया। ऐसे लोगों को अपनी-अपनी डोमेन में ही रहना चाहिए। हम किसी के काम में दखल नहीं देते, इसलिए उन्हें भी नहीं करना चाहिए।
गंभीर ने स्पष्ट किया कि टीम में बदलाव, रणनीति और कोचिंग की बातें पूरी तरह क्रिकेट और BCCI का विषय है, और बाहर के लोग इसमें दखल देकर भ्रम पैदा कर रहे हैं।
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गंभीर (Gautam Gambhir) ने कहा कि वह कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहाने नहीं बनाते, लेकिन कुछ तथ्यों का जिक्र जरूरी है। टीम एक ट्रांजिशन से गुजर रही है, युवा खिलाड़ी हैं, और लाल गेंद के अनुभव की कमी भी है।
उन्होंने (Gautam Gambhir) कहा कि जब आप ट्राजिशन में हों और आपका कप्तान, जो रेड बॉल का सबसे अहम बल्लेबाज है, वह बाहर हो जाए, तो ऐसे परिणाम आना स्वाभाविक है।”
उन्होंने (Gautam Gambhir) कहा कि मीडिया ने विकेट को लेकर चर्चाएं तो खूब कीं, लेकिन टीम की परिस्थितियों को बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया।
क्या है यह स्प्लिट कोचिंग विवाद?
टेस्ट सीरीज हार के बाद कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने सुझाव दिया था कि भारत को इंग्लैंड की तरह दो कोच रखने चाहिए – एक लाल गेंद (Test) के लिए और एक सफेद गेंद (ODI-T20) के लिए।
लेकिन गंभीर ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि टीम को एकजुट सोच और एक ही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है, न कि दो अलग-अलग विचारधाराओं की।



