
हममें से ज्यादातर लोग शौचालय में जाते ही मोबाइल निकाल लेते हैं – ‘बस एक रील और’, ‘बस एक न्यूज और।’ वो कुछ मिनट का ब्रेक कब दस मिनट में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। लेकिन क्या यह आदत सिर्फ समय की बर्बादी है या सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है (Is it ok to use phone on toilet)?
डॉक्टरों का कहना है कि हां, और इसका असर आपके शरीर के बहुत नाजुक हिस्सों पर पड़ सकता है।
अमेरिका के Beth Israel Deaconess Medical Center में किए गए एक अध्ययन में डॉक्टरों ने 125 लोगों से उनकी टॉयलेट हैबिट्स के बारे में पूछा। नतीजा चौंकाने वाला था – दो-तिहाई लोगों ने बताया कि वे टॉयलेट में मोबाइल जरूर इस्तेमाल करते हैं, और इनमें से ज्यादातर ऐसा हर हफ्ते करते हैं।
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। इन लोगों में बवासीर (Hemorrhoids) का खतरा लगभग 46% अधिक पाया गया। कारण? वे लोग शौचालय में जरूरत से ज्यादा देर बैठे रहते थे – कभी रील देखने के लिए, कभी चैट करने के लिए। इससे शरीर पर असर पड़ता है (Is it ok to use phone on toilet)।
अधिक देर बैठने का दबाव
टॉयलेट सीट के नीचे कोई सहारा नहीं होता, और शरीर का पूरा दबाव निचले हिस्से पर पड़ता है। लगातार ऐसा करने से मलद्वार (rectum) की नसें सूजने लगती हैं। यही बवासीर की शुरुआती अवस्था होती है।
गलत मुद्रा से कब्ज का खतरा
जब हम झुककर फोन देखते हैं, तो गुदा और मलद्वार का जो कोण होता है, वो बदल जाता है। इससे मल निकलने में दिक्कत होती है और कब्ज बढ़ सकती है।
संक्रमण का खतरा
टॉयलेट में मोबाइल रखना साफ-सफाई की दृष्टि से भी सही नहीं है (Is it ok to use phone on toilet)। डॉक्टरों के मुताबिक, मल के सूक्ष्म कण (fecal particles) हवा में फैलकर फोन की सतह पर चिपक सकते हैं। और जब हम हाथ धोकर भी उस फोन को छूते हैं, तो ये बैक्टीरिया दोबारा हमारे हाथों में आ जाते हैं।
रेक्टल प्रोलेप्स का रिस्क
अगर बार-बार अधिक जोर लगाकर मलत्याग करते हैं, या लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठे रहते हैं, तो आंत का निचला हिस्सा बाहर निकल सकता है, जिसे Rectal Prolapse कहा जाता है। यह स्थिति दर्दनाक होती है और कई बार सर्जरी तक की जरूरत पड़ती है।
क्या मोबाइल को बाथरूम से बाहर रखना ही एकमात्र हल है? (Is it ok to use phone on toilet)
जरूरी नहीं कि आप फोन को पूरी तरह बैन कर दें, लेकिन कुछ सीमाएं जरूर तय करनी चाहिए।
5 मिनट रूल : अगर पांच मिनट में काम नहीं होता, तो उठ जाइए। ज्यादा देर बैठने का मतलब है कि शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है।
सही मुद्रा में बैठिए : सीधे बैठें, झुककर मोबाइल न देखें। अगर चाहें तो Squatty Potty जैसे छोटे स्टूल का इस्तेमाल करें, जिससे शरीर का एंगल स्वाभाविक रहे।
स्वच्छता पर ध्यान दें : टॉयलेट सीट का ढक्कन बंद करके फ्लश करें।
फोन को समय-समय पर साफ करें : और सबसे अहम, हाथ धोने के बाद फोन न छूएं, जब तक हाथ पूरी तरह सूख न जाएं।
खानपान और रूटीन सुधारें : फाइबर वाला खाना (जैसे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज) और पर्याप्त पानी कब्ज को कम करता है, जिससे आपको शौचालय में ज्यादा देर बैठने की जरूरत नहीं पड़ती।
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