
पाकिस्तान इन दिनों अपनी इतिहास की सबसे भयावह बाढ़ (Pakistan Floods) से जूझ रहा है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif Pakistan Defence Minister) ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरे देश में हैरानी फैला दी है।
ख्वाजा आसिफ ने एक स्थानीय टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि बाढ़ (Pakistan Floods) का अतिरिक्त पानी किसी वरदान की तरह है और लोगों को इसे अपने घरों में स्टोर करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘जो लोग सड़क पर बैठे हैं, उन्हें चाहिए कि यह पानी अपने घर ले जाएं और इसे कंटेनरों में भरकर रख लें। हमें इस पानी को एक नेमत मानना चाहिए।’
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आसिफ ने आगे कहा कि इसके लिए बड़े बांध भी बनाने चाहिए, हालांकि उन्हें बनने में 8 से 10 साल लग सकते हैं।
यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत (Punjab Pakistan Floods) में बाढ़ ने इतिहास का सबसे बड़ा संकट पैदा कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। 2,200 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। करीब 7 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
पंजाब की वरिष्ठ मंत्री मरियम औरंगज़ेब (Maryam Aurangzeb Pakistan Minister) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह पंजाब की सबसे बड़ी बाढ़ है। पहली बार ऐसा हुआ है जब तीन नदियां – सतलुज, चिनाब और रावी एक साथ इतने ऊंचे स्तर पर बह रही हैं।
पाकिस्तान में अनाज संकट, भुखमरी का खतरा
पंजाब पाकिस्तान का सबसे बड़ा कृषि क्षेत्र (Agriculture in Punjab Pakistan) है और यह गेहूं उत्पादन का मुख्य केंद्र माना जाता है। 2022 की बाढ़ में भी बड़ी मात्रा में फसलें नष्ट हो गई थीं और अब हालात दोबारा वैसा ही संकट पैदा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif Pakistan PM) पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे तो देश में खाद्य संकट (Food Shortage in Pakistan) गहरा सकता है।
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पाकिस्तान में बाढ़ (Pakistan Floods) का आंकड़ा
पाकिस्तान के राष्ट्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, इस साल 1 जुलाई से 27 अगस्त तक पंजाब में सामान्य से 26.5% अधिक मानसून बारिश हुई।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 26 जून से अब तक बारिश और बाढ़ से 849 लोगों की मौत और 1,130 लोग घायल हो चुके हैं।
सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक
जहां एक ओर लाखों लोग राहत और मदद की उम्मीद में हैं, वहीं दूसरी ओर रक्षा मंत्री के इस तरह के बयान पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कड़ी आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब बाढ़ से लोग जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब सरकार उनके दर्द को समझने के बजाय अजीबो-गरीब सुझाव क्यों दे रही है।
सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अगर मंत्रीजी का सुझाव मान लिया जाए तो पाकिस्तान जल्द ही मिनरल वाटर एक्सपोर्ट में नया कारोबार शुरू कर सकता है। कोई कह रहा है, ‘सरकार की नई स्कीम होगी – हर घर बाल्टी, हर घर बाढ़।’
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