Gupt Navratri : हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति उपासना का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए साल में चार बार नवरात्रि आती है। इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक रूप से बड़े उत्सव के साथ मनाई जाती हैं, जबकि माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।
गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) का महत्व खास तौर पर साधकों, तांत्रिक उपासकों और मंत्र साधना करने वालों के लिए बहुत अधिक माना गया है। मान्यता है कि इन दिनों देवी शक्ति अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होती हैं और सच्चे मन से की गई साधना का फल तुरंत देती हैं।
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माघ गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) 2026 की तिथि
साल 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी, सोमवार से होगी और यह 28 जनवरी 2026 तक नवमी तिथि के साथ संपन्न होगी। इस तरह गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) पूरे नौ दिनों तक मनाई जाएगी।
प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 18 जनवरी 2026 को प्रातः 01:21 बजे होगा, जबकि इसका समापन 19 जनवरी को प्रातः 02:14 बजे होगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 07:14 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से 12:53 बजे तक माना गया है।
माघ गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) में पूजी जाने वाली नौ देवियां
गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) में देवी दुर्गा के पारंपरिक नौ रूपों के बजाय दस महाविद्याओं में से नौ देवियों की पूजा की जाती है। हर दिन का अपना अलग महत्व होता है।
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- पहले दिन देवी काली की पूजा की जाती है। देवी काली साहस, शक्ति और नकारात्मक ऊर्जा के विनाश का प्रतीक मानी जाती हैं।
- दूसरे दिन देवी ललिता की उपासना होती है, जो सौंदर्य, करुणा और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करती हैं।
- तीसरे दिन देवी भुवनेश्वरी की पूजा की जाती है, जिन्हें संपूर्ण सृष्टि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।
- चौथे दिन देवी छिन्नमस्ता की आराधना होती है, जो त्याग, बलिदान और आत्मशक्ति का संदेश देती हैं।
- पांचवें दिन देवी भैरवी की पूजा की जाती है, जो तप, वैराग्य और कठोर साधना का मार्ग दिखाती हैं।
- छठे दिन देवी धूमावती की उपासना होती है, जो जीवन के गूढ़ रहस्यों और धैर्य का बोध कराती हैं।
- सातवें दिन देवी बगलामुखी की पूजा की जाती है, जो शत्रु बाधाओं को शांत करने और विजय दिलाने वाली मानी जाती हैं।
- आठवें दिन देवी मातंगी की आराधना होती है, जो ज्ञान, वाणी, संगीत और कला की देवी हैं।
- नौवें दिन देवी कमला की पूजा की जाती है, जो धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।
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साल 2026 में चारों नवरात्रि की तिथियां इस प्रकार रहेंगी –
- माघ गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) : 19 जनवरी 2026 से
- चैत्र नवरात्रि : 19 मार्च 2026 से
- आषाढ़ गुप्त नवरात्रि : 15 जुलाई 2026 से
- शारदीय नवरात्रि : 11 अक्टूबर 2026 से
गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) की पूजा विधि
गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) की पूजा विधि साधक की श्रद्धा, क्षमता और उद्देश्य पर निर्भर करती है। प्रातः स्नान के बाद शांत और स्वच्छ स्थान पर देवी की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है और दीप जलाया जाता है। इसके बाद मंत्र जप, ध्यान और साधना की जाती है।
गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) में व्रत रखना अनिवार्य नहीं होता, लेकिन सात्विक भोजन, संयम और नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों की गई साधना से देवी जल्दी प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
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