देवों के देव महादेव का प्रिय मास सावन अब अंतिम पड़ाव पर है। इस वर्ष सावन का अंतिम सोमवार (Sawan ka antim Somvar) 4 अगस्त को पड़ रहा है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायक माना जा रहा है। इस विशेष दिन पर ब्रह्म योग, इंद्र योग और सर्वार्थ सिद्धि योग (Sarvartha Siddhi Yoga) का महा-संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इन दुर्लभ योगों में भोलेनाथ का पूजन करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
क्यों खास है सावन का अंतिम सोमवार (Sawan ka antim Somvar)?
सनातन परंपरा में सावन मास शिव उपासना का प्रमुख समय माना गया है। जो भक्त पूरे महीने व्रत या पूजन नहीं कर पाते, उनके लिए अंतिम सोमवार (Sawan ka antim Somvar) विशेष अवसर होता है। इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।
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सावन के अंतिम सोमवार (Sawan ka antim Somvar) पर शुभ योग और मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 4:20 से 5:02 बजे तक – शिव जलाभिषेक का सर्वोत्तम समय
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 2:42 से 3:36 बजे तक – सफलता के लिए शुभ
अमृत काल : शाम 5:47 से 7:34 बजे तक – विशेष फलदायी
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 5:44 से रात 9:12 बजे तक
इंद्र योग : सुबह 7:06 से 7:25 बजे तक
इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में अनुराधा और चित्रा नक्षत्र में गोचर करेगा, जिससे पूजन का फल कई गुना बढ़ जाता है।
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कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न? (Shiv Puja Vidhi in Sawan)
- सुबह स्नान कर हरे या सफेद वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर, मिट्टी के शिवलिंग की स्थापना करें।
- पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, शक्कर) और गंगाजल से अभिषेक करें।
- ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, काले तिल, अक्षत और मिश्री अर्पित करें।
- रुद्राभिषेक करें और शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र, शिव पंचाक्षर मंत्र का पाठ करें।
- अंत में शिव आरती और प्रसाद वितरण करें।
- 108 बेलपत्रों पर ‘राम’ नाम लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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सावन के अंतिम सोमवार (Sawan ka antim Somvar) पर राशि के अनुसार करें अभिषेक
- मेष राशि (Aries) के जातक ‘ॐ महाकालाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए जल में गुड़ जालकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- वृषभ राशि (Taurus) के लोग जल मिश्रित दूध से अभिषेक करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए दही और चंदन व सफेद फूल चढ़ाएं।
- मिथुन राशि (Gemini) वाले ‘ॐ त्र्यम्बकाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए गन्ने के रस से शिवलिंग अभिषेक करें और तीन बेलपत्र चढ़ाएं।
- कर्क राशि (Cancer) के लोग ‘ॐ चन्द्रशेखराय नमः ‘मंत्र का जाप करते हुए देसी घी से अभिषेक करें।
- सिंह राशि (Leo) वाले गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करें और गेहूं चढ़ाएं। ‘ॐ रुद्राय नमः’ मंत्र का जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलेगी।
- कन्या राशि (Virgo) के जातक गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें। ‘ॐ हराय नमः’ मंत्र जरूर पढ़ें।
- तुला राशि (Libra) वाले ‘ॐ ईशानाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।
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- वृश्चिक राशि (Scorpio) है तो पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें, मिश्री का भोग लगाएं और ‘ॐ नीलकण्ठाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
- धनु राशि (Sagittarius) के जातक ‘ॐ शिवाय नमः’ मंत्र पढ़ते हुए केसर युक्त दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें।
- मकर राशि (Capricorn) के लोग शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं और ‘ॐ महेश्वराय नमः’ मंत्र का जाप करें। भोलेनाथ को अक्षत भेंट करें।
- कुंभ राशि (Aquatious) वाले जल में सफेद तिल डालकर अभिषेक करें। ‘ॐ भोलानाथाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
- मीन राशि (Pisces) के जातक शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें और ‘ॐ पशुपतये नमः’ मंत्र का जाप करें।
सावन के अंतिम सोमवार (Sawan ka antim Somvar) का संकल्प
इस विशेष दिन का उपयोग अपने जीवन को शुद्ध करने, पवित्र विचारों के साथ नई शुरुआत करने और भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए करें। यह दिन विवाह, करियर, सुख-समृद्धि, और ग्रह दोष निवारण के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
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