
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) और 2024 लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन से चुनाव आयोग (EC) मुख्यालय तक विरोध मार्च (Protest March) शुरू किया।
Protest March की शुरुआत संसद के मकर द्वार से हुई, जहां विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रगान गाया। मार्च में मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, टीआर बालू (DMK), संजय राउत (Shiv Sena-UBT), डेरेक ओ’ब्रायन (TMC), महुआ मोइत्रा समेत द्रमुक, राजद, वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद शामिल थे।
प्रदर्शनकारी सांसदों ने लाल क्रॉस वाली सफेद टोपी पहनी थी, जिस पर ‘SIR’ और ‘Voter Fraud’ लिखा था। उन्होंने तख्तियां और बैनर लहराते हुए SIR प्रक्रिया वापस लेने की मांग की।
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पुलिस बैरिकेड्स पर टकराव
जैसे ही मार्च (Protest March) परिवहन भवन के पास पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। रोके जाने पर अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसद बैरिकेड्स पर चढ़ने और कूदने लगे। कुछ सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे हटने से इनकार करने लगे तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
मिताली बाग बेहोश, अस्पताल में भर्ती
प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद मिताली बाग बेहोश हो गईं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
राहुल बोले, यह संविधान बचने की लड़ाई
राहुल गांधी ने मार्च (Protest March) के दौरान कहा कि आज जब हम चुनाव आयोग से मिलने जा रहे थे, INDIA गठबंधन के सभी सांसदों को रोका गया और हिरासत में ले लिया गया।
राहुल ने आगे कहा, ‘वोट चोरी की सच्चाई अब देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं – यह लोकतंत्र, संविधान और एक व्यक्ति, एक वोट के अधिकार की रक्षा की लड़ाई है। एकजुट विपक्ष और देश का हर मतदाता साफ-सुथरी वोटर लिस्ट की मांग करता है। यह हक हम हर हाल में लेकर रहेंगे।’
हकीकत यह है कि वे बात नहीं कर सकते। सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान बचाने की लड़ाई है। – राहुल गांधी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार डरी हुई है। वहीं, एनसीपी (SCP) सांसद सुप्रिया सुले बोलीं, ‘हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। हम महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं।’
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि देश इस मुद्दे पर जवाब पाने का हकदार है।
Protest March का मकसद
विपक्ष का कहना है कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर हो रहा है, जिससे ‘One Man, One Vote’ का सिद्धांत खतरे में है। विपक्ष ने मांग की कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को रद्द करे और एक पारदर्शी व निष्पक्ष मतदाता सूची जारी करे।
इसी साल बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं, इस वजह से यह मामला बेहद गर्म है। मॉनसून सत्र में इसे लेकर खूब हंगामा हुआ।
BJP ने दिया कांग्रेस को जवाब
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग कोई कांग्रेस के घर की व्यवस्था नहीं है। यह भारत की संवैधानिक व्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है, जिसका लोहा दुनिया ने माना है। अगर कांग्रेस को संविधान में रत्ती भर विश्वास होता तो हलफनामा देते, चुनाव आयोग के सामने बात रखते।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के हंगामे की वजह से मॉनसूत्र सत्र का बहुत समय बर्बाद हुआ है। अब महत्वपूर्ण बिल पास किए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव आयोग से समय मांगने के बावजूद नहीं गए। वे लोग नहीं कर पाए कि कौन से 30 लोग जाएंगे।
बता दें कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया था। लेकिन कहा था कि 30 नेता ही आ सकते हैं।
यहां देखें वीडियो –
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