
बिहार की राजनीति में इस समय एक बड़ा मुद्दा गर्माया हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा (Tejashwi Yadav vs Vijay Sinha) पर दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का आरोप लगाया है। यह विवाद अब चुनाव आयोग (Election Commission of India) तक पहुँच गया है और सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हो रही है।
तेजस्वी यादव के डिप्टी सीएम पर आरोप (Tejashwi Yadav vs Vijay Sinha)
तेजस्वी यादव ने रविवार को दावा किया कि विजय कुमार सिन्हा का नाम दो अलग-अलग जिलों में मतदाता सूची में दर्ज है – लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में और बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र में, जो पटना में पड़ता है। उन्होंने दो अलग-अलग EPIC Numbers भी सार्वजनिक किए – IAF3939337 (Lakhisarai) और AFS0853341 (Bankipur)।
तेजस्वी के अनुसार, लखीसराय सूची में उनका नाम सेक्शन नंबर 1, सीरियल नंबर 274 पर है, जबकि बैंकिपुर में सेक्शन नंबर 4, सीरियल नंबर 757 पर। पुराने बैंकिपुर ड्राफ्ट में यह क्रमांक 815 था।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि दोनों पहचान पत्रों में उनकी उम्र अलग-अलग दर्ज है। एक में 57 वर्ष और दूसरे में 60 वर्ष।
तेजस्वी ने विजय कुमार सिन्हा पर सवाल (Tejashwi Yadav vs Vijay Sinha) उठाया कि क्या यह सीधा-सीधा धोखाधड़ी और आयु संबंधी फर्जीवाड़ा नहीं है?
विजय सिन्हा का तेजस्वी को जवाब (Tejashwi Yadav vs Vijay Sinha)
विजय कुमार सिन्हा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहले उनका पूरा परिवार बैंकिपुर में पंजीकृत था। अप्रैल 2024 में उन्होंने लखीसराय में नाम जोड़ा और बैंकिपुर से हटाने के लिए भी आवेदन दिया, लेकिन तकनीकी कारणों से नाम नहीं हट पाया।
उन्होंने दावा किया कि वे सिर्फ लखीसराय से वोट डालते हैं और पिछले चुनाव में भी वहीं से मतदान किया।
विजय सिन्हा ने तेजस्वी पर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘जंगल राज का युवराज’ बताया और माफी मांगने की मांग की।
चुनाव आयोग बनाम तेजस्वी यादव (ECI vs Tejashwi Yadav)
बिहार में Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्ष बेहद हमलावर है। तेजस्वी पहले भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने 1 अगस्त को आरोप लगाया था कि नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है। बाद में दावा किया कि उनका ईपीआईसी नंबर बदल दिया गया है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि विस्तृत जांच में उनका नाम पोलिंग स्टेशन 204, बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी बिल्डिंग में क्रम संख्या 416 पर दर्ज पाया गया है।
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मामले में नया मोड़ तब आया जब ECI ने कहा कि तेजस्वी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया EPIC Card फर्जी प्रतीत होता है। आयोग ने उन्हें 16 अगस्त शाम 5 बजे तक वह कार्ड जमा करने का नोटिस भेजा।
तेजस्वी का कहना है कि अगर दो EPIC Numbers जारी हुए हैं, तो गलती किसकी है, यह ECI को बताना चाहिए।
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