
Pakistan Afghanistan in war Update : पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया है कि संघर्ष में 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। दूसरी ओर, तालिबान सरकार का कहना है कि उसके 8 लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए हैं।
तालिबान ने यह भी दावा किया है कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और दो सैन्य ठिकानों सहित 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। हालांकि पाकिस्तान ने अपने केवल दो सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। दोनों पक्षों के दावों में भारी अंतर होने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है (Pakistan Afghanistan in war)।
तोरखम बॉर्डर पर फिर भड़की हिंसा
समाचार एजेंसी Agence France-Presse (AFP) के पत्रकारों के अनुसार शुक्रवार सुबह से तोरखम सीमा पर गोलीबारी और गोलाबारी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक पहले अफगान पक्ष की ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई।
तोरखम बॉर्डर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच व्यापार और आवाजाही का एक अहम मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से दोनों देशों के संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है (Pakistan Afghanistan in war)।
रूस की अपील
इस बढ़ते संघर्ष पर रूस ने चिंता जताई है। रूसी विदेश मंत्रालय के हवाले से RIA Novosti ने बताया कि मॉस्को ने दोनों देशों से सीमा पार हमले तुरंत रोकने और बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की है। रूस का कहना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान को सैन्य टकराव से बचते हुए कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
Pakistan Afghanistan in war : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले कर बड़ी संख्या में नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। पाकिस्तान ने Operation Ghazab Lil Haq के नाम से अभियान शुरू किया है। इसके तहत अफगानिस्तान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। वहीं, काबुल ने दावा किया कि उसकी जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
इस बीच तालिबान ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान का एक अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराया है। भारत के साथ संघर्ष में भी पाकिस्तान का यह लड़ाकू विमान ढेर हो गया था।
पाकिस्तान के सरकारी चैनल ने कहा कि यह ऑपरेशन अकारण आक्रामकता के जवाब में शुरू किया गया (Pakistan Afghanistan in war)। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने दावा किया कि इस कार्रवाई में 133 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सेना करारा जवाब दे रही है और देश की एकजुटता जरूरी है।
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दूसरी ओर, तालिबान सरकार का कहना है कि उसने 19 पाकिस्तानी चौकियां और खोस्त प्रांत के अंजर सर (Anzar Sar) में एक मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है। तालिबान के प्रवक्ता जाबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की बार-बार की गई घुसपैठ के जवाब में की गई (Pakistan Afghanistan in war)।
रातभर चले हमले, होते रहे धमाके (Pakistan Afghanistan in war)
गुरुवार और शुक्रवार की रात पाकिस्तान ने काबुल और कंधार सहित कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान का दावा है कि उसने अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने कहा कि पाकिस्तानी सेना किसी भी आक्रामकता को कुचलने में सक्षम है और पूरा देश सेना के साथ खड़ा है (Pakistan Afghanistan in war)।
अफगानिस्तान ने इन हमलों को कायराना बताया और कहा कि उसके पक्ष में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि पाकिस्तान ने 133 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है। दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है, जिससे जमीनी सच्चाई को लेकर भ्रम बना हुआ है।
डूरंड लाइन क्यों है विवाद की जड़?
Durand Line अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की वह सीमा है जिसे अफगानिस्तान ने कभी औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया। यही वजह है कि इस सीमा पर अक्सर झड़पें होती रहती हैं। हाल के महीनों में तनाव इतना बढ़ गया कि तोरखम (Torkham) बॉर्डर क्रॉसिंग भी कई बार बंद करनी पड़ी।
तालिबान के अनुसार, पाकिस्तान ने पहले हवाई हमले (Pakistan Afghanistan in war) कर प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया था, जिनमें महिलाओं और बच्चों की मौत का दावा किया गया। संयुक्त राष्ट्र मिशन ने भी हालिया हमलों में नागरिकों की मौत की पुष्टि की है।
दोनों तरफ से भारी नुकसान के दावे
अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि जमीनी कार्रवाई में उसके 8 सैनिक मारे गए। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसके केवल 2 सैनिक मारे गए और 3 घायल हुए, जबकि 36 अफगान लड़ाके ढेर हुए (Pakistan Afghanistan in war)।
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तालिबान का दावा है कि उसने कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़ा है, लेकिन इस्लामाबाद ने इसे खारिज कर दिया। दोनों देशों के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, जिससे हालात और उलझ गए हैं।
क्या बढ़ सकता है संघर्ष?
काबुल और कंधार में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कई इलाकों में दो घंटे तक गोलीबारी जारी रही। सीमा के पास बसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। हालात ऐसे हैं कि अगर जल्द बातचीत नहीं हुई तो यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है (Pakistan Afghanistan in war)।
सऊदी अरब ने पहले भी दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी। लेकिन बार-बार युद्धविराम टूटने से स्थिति और जटिल हो गई है।



