
फ्रांस की राजधानी पेरिस और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। अलग-अलग मस्जिदों के बाहर कम से कम नौ सूअर के सिर रखे पाए गए (Pig Heads Found in Paris Mosques)।
इनमें से कई पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का नाम नीली स्याही से लिखा हुआ था। पुलिस ने बताया कि ये सिर पेरिस की चार मस्जिदों और उपनगरों की पांच मस्जिदों के बाहर रखे गए थे। घटना के बाद फ्रांस में धार्मिक तनाव और गहरा गया है।
इस्लाम धर्म में सूअर को अपवित्र माना जाता है, ऐसे में मस्जिदों के बाहर सूअर के सिर रखना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद आपत्तिजनक माना जा रहा है (Pig Heads Found in Paris Mosques)। पेरिस पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इसे नफरत फैलाने वाली हरकत के तौर पर दर्ज किया है।
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से फ्रांस ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप में मुस्लिमों के खिलाफ घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यूरोपीय संघ की एक रिपोर्ट बताती है कि अक्टूबर 2023 में इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से मुस्लिम विरोधी घटनाओं और यहूदी विरोधी हमलों (Antisemitism) में तेजी आई है।
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फ्रांस के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मई 2025 के बीच मुस्लिमों के खिलाफ हमले 75 फीसदी तक बढ़ गए हैं और लोगों पर सीधा हमला तीन गुना ज्यादा हुआ है।
फ्रांस के नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुस्लिम नेताओं से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पेरिस की मेयर ऐन हिडाल्गो ने इसे नस्लवादी हमला बताया और कानूनी कार्रवाई की बात कही।
वहीं, फ्रांस के गृह मंत्री ब्रूनो रिटायो ने कहा कि यह बिल्कुल अस्वीकार्य है और मुस्लिम नागरिकों को शांति से अपना धर्म पालन करने का पूरा हक है। पेरिस की ग्रैंड मस्जिद के प्रमुख शम्स-एद्दीन हाफिज ने इसे इस्लाम विरोधी नफरत (Pig Heads Found in Paris Mosques) का नया और दुखद चरण बताया।
पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं, रूस पर शक
फ्रांस में इससे पहले भी कई रहस्यमयी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनके पीछे रूस का हाथ होने की आशंका जताई जाती रही है। कभी पेरिस के एफिल टॉवर के पास ताबूत रख दिए जाते हैं, तो कभी होलोकॉस्ट मेमोरियल पर लाल हाथों के निशान बनाकर तोड़फोड़ की जाती है। हाल ही में तीन लोगों को यहूदी स्थलों की बेअदबी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और इन मामलों में भी रूस समर्थित नेटवर्क पर शक जताया गया।
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फ्रांस को मिला नया पीएम
इसी बीच राष्ट्रपति मैक्रों ने मंगलवार को नया प्रधानमंत्री भी नियुक्त किया। उन्होंने अपने करीबी सहयोगी और पूर्व रक्षा मंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नु को प्रधानमंत्री बनाया है। यह पिछले दो साल में फ्रांस के पांचवें प्रधानमंत्री हैं। लेकॉर्नु की पहचान प्रो-बिजनेस नेता के तौर पर है, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने उनके चयन पर सवाल उठाए हैं। वामपंथी दलों ने इस नियुक्ति को खारिज कर दिया, जबकि दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी ने सशर्त समर्थन देने की बात कही है।
पेरिस की मस्जिदों के बाहर सूअर के सिर (Pig Heads Found in Paris Mosques) मिलने की यह घटना सिर्फ धार्मिक असहिष्णुता का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह भी दिखाती है कि फ्रांस इस समय गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है।
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