

छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) का मंगलवार का सत्र तब गरमा गया, जब उपमुख्यमंत्री अरुण साव (Arun Sao) ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के आंकड़ों में गंभीर हेरफेर का आरोप लगाया।
साव ने कहा कि दिसंबर 2023 तक मिशन के पोर्टल पर 36 लाख घरों को नल कनेक्शन और जलापूर्ति दिखाया गया था, लेकिन जून 2024 में भाजपा सरकार द्वारा कराई गई जांच में पता चला कि केवल 21 लाख घरों को ही वास्तव में पानी मिल रहा था। बाकी 15 लाख घरों में केवल नल कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन पानी की आपूर्ति कभी शुरू ही नहीं हुई।
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यह बयान उस समय आया जब पाटन से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) में भाजपा सरकार पर सवाल उठाया कि वह दिसंबर 2023 से सत्ता में आने के बावजूद अब तक जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाई है।
बघेल ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने 2022-23 और 2023-24 में क्रमशः 4,200 करोड़ और 5,374 करोड़ रुपये जल जीवन मिशन के लिए आवंटित किए थे, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह बजट घटकर मात्र 3,500 करोड़ रुपये रह गया। उन्होंने तंज करते हुए पूछा कि जब सरकार अपने लक्ष्य पूरे नहीं कर पा रही है, तो बजट में कटौती क्यों की गई?
सदन (Chhattisgarh Assembly) में इस पर जवाब देते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए ताकि केंद्र को दिखाया जा सके कि मिशन के तहत प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के लिए भारत सरकार का IMIS पोर्टल होता है, जहां काम की जानकारी अपलोड की जाती है।
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दिसंबर 2023 तक 36 लाख घरों को जलापूर्ति दिखाने के बावजूद भौतिक सत्यापन नहीं हुआ था। जून 2024 में जब भाजपा सरकार ने जांच करवाई, तो सामने आया कि 15 लाख घरों में सिर्फ नल लगे हैं, पर पानी नहीं आ रहा। इसका कारण साव ने यह बताया कि कांग्रेस सरकार ने दो साल तक ट्यूबवेल का काम शुरू ही नहीं किया, जिससे जलापूर्ति नहीं हो सकी।
इस पर बघेल ने पलटवार करते हुए पूछा कि जब आप खुद कह रहे हैं कि दिसंबर 2023 तक 21 लाख घरों को जल मिला, तो पिछले 20 महीनों में आपने सिर्फ 10 लाख घरों तक पानी पहुंचाया। फिर ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ की तेज रफ्तार कहां दिख रही है? उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या ये 10 लाख का आंकड़ा भी जांचे-परखे बिना ही जारी कर दिया गया?
Chhattisgarh Assembly में जोरदार बहस
इस मुद्दे पर सदन (Chhattisgarh Assembly) में जोरदार बहस हुई। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर योजना के खराब क्रियान्वयन का आरोप लगाया और जल जीवन मिशन की प्रगति पर नाराजगी जताई। जब उपमुख्यमंत्री साव ने यह नहीं बताया कि इस साल अब तक कितने घरों को जलापूर्ति हुई है, तो कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की गति और पारदर्शिता को लेकर यह ताजा टकराव बताता है कि Jal Jeevan Mission अब सिर्फ विकास का विषय नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र भी बन गया है। आंकड़े कितने सच्चे हैं, और काम कितना जमीनी स्तर पर हुआ है—यह सवाल अभी भी अधूरा है।



