
Strait of Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला Strait of Hormuz से जुड़ा है। ट्रंप ने एक मॉडिफाइड मैप शेयर किया, जिसमें इस जलडमरूमध्य का नाम बदलकर Strait of Trump दिखाया गया।
यह पोस्ट उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर शेयर की, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई। खास बात यह है कि ट्रंप पहले भी गलती से या मजाक में इस नाम का इस्तेमाल कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने इसे सार्वजनिक रूप से दिखाया (Strait of Trump)।
यह भी पढ़ें : Bengal Exit Poll : बंगाल में क्या खेल बदलने वाला है?
Strait of Hormuz क्यों है इतना अहम?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह खाड़ी क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है और दुनिया के तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है।
अगर यहां कोई तनाव या बाधा आती है, तो उसका असर सीधे तेल की कीमतों और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
अमेरिका ने अप्रैल के मध्य से ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है। इस रणनीति का मकसद ईरान के तेल निर्यात और आर्थिक गतिविधियों को सीमित करना है।
इस नाकेबंदी का असर अब दिखने लगा है। वैश्विक तेल कीमतें पिछले चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया कि यह कदम ईरान की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाएगा।
दूसरी तरफ ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के अंदर अब सख्त रुख रखने वाले नेताओं का प्रभाव बढ़ गया है, जिनमें Ahmad Vahidi जैसे नाम शामिल हैं।
यह भी पढ़ें : Donald Trump claim on Iran wrong : ईरान पर ट्रंप के दावे की पेंटागन ने ही खोली पोल
ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत नहीं करेगा। (Strait of Trump)
ईरान अब नए तरीके अपनाने की सोच रहा है। खबरों के मुताबिक, ओमान के साथ मिलकर Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना बनाई है।
तेल बाजार में उथल-पुथल
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर पड़ा है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। क्रूड ऑयल इस समय 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहा है और ईरान ने तंज कसा है कि अब यह 140 डॉलर होगा।
तेल की कीमतों की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। सप्लाई चेन बाधित होने के कारण आपूर्ति भी घटी है। ऐसे में पूरी दुनिया चाह रही है कि अमेरिका और ईरान शांति समझौता कर लें।
लेकिन, गंभीर बातचीत के बजाय ट्रंप मजाक के मूड में दिख रहे हैं। उनका ताजा पोस्ट (Strait of Trump) बात को और बिगाड़ सकता है। यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि ‘Strait of Trump’ सिर्फ मजाक है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी छिपा है।
ट्रंप अपनी अस्थिर नीतियों के लिए जाने जाते हैं। उनका कोई भरोसा नहीं है। वह कोई भी फैसला ले सकते हैं। इसलिए उनके इस पोस्ट (Strait of Trump) से कई अंतरराष्ट्रीय जानकार चिंतित भी हैं।



