
Mobile addiction can cause tech neck : आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है। हम सुबह उठते ही फोन देखते हैं, रात को सोने से पहले भी उसी पर स्क्रॉल करते हैं। चाहे सोशल मीडिया हो, काम हो या पढ़ाई – हर चीज अब स्क्रीन पर ही होती है। लेकिन इसी आदत से एक नई समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसका नाम है ‘टेक नेक’ (Tech Neck)।
यह एक ऐसी बीमारी है, जो बिना आवाज किए हमारे शरीर, खासकर गर्दन और रीढ़ की हड्डी, को नुकसान पहुंचा रही है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इसे एक साइलेंट महामारी यानी चुपचाप फैलने वाली बीमारी (Mobile addiction can cause tech neck) कहा है।
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टेक नेक आखिर है क्या?
जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हुए सिर झुकाकर रखता है, तो उसकी गर्दन पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। यही झुकाव और दबाव समय के साथ गर्दन के दर्द, कंधों में जकड़न और रीढ़ की हड्डी के टेढ़ेपन की वजह बन जाता है।
इसी स्थिति को टेक नेक या “Forward Head Posture (Mobile addiction can cause tech neck) कहा जाता है। इसका मतलब है कि सिर अपनी सामान्य सीधी स्थिति से आगे की ओर झुक जाता है। जब यह झुकाव रोजाना कई घंटे बना रहता है, तो गर्दन की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
खतरे की घंटी बजाती है नई रिसर्च
हाल ही में International Journal of Environmental Sciences में छपे एक शोध के मुताबिक, भारत के कॉलेज छात्रों में लंबे समय तक मोबाइल देखने की आदत के कारण गर्दन और कंधे की हड्डियों में दर्द और खिंचाव की समस्या बढ़ रही है। (Mobile addiction can cause tech neck)
वहीं European Spine Journal में छपी एक रिपोर्ट ने तो इसे ऐसी महामारी कहा है, जो हमारी रीढ़ की बनावट को चुपचाप बदल रही है।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले सालों में युवा और बच्चे दोनों ही रीढ़ की हड्डी के जल्दी खराब होने, disc slip, neck pain, और spinal arthritis जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ सकते हैं। (Mobile addiction can cause tech neck)
विशेषज्ञों का कहना है कि हर इंच सिर आगे झुकाने पर, गर्दन की हड्डियों पर करीब 4.5 किलो का अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अगर सिर 60 डिग्री झुका है, जैसा कि ज्यादातर लोग फोन देखते समय रखते हैं, तो गर्दन पर करीब 27 किलो का दबाव पड़ता है। जरा सोचिए, अगर आपकी गर्दन पर रोजाना इतने वजन का बोझ पड़ता रहे, तो उसका असर कितना खतरनाक हो सकता है!
बच्चों में टेक नेक का खतरा ज्यादा क्यों है?
बच्चे अभी बढ़ रहे होते हैं, उनकी हड्डियां पूरी तरह मजबूत नहीं होतीं। अगर वे घंटों सिर झुकाकर मोबाइल देखते हैं, तो उनकी रीढ़ की बनावट गलत दिशा में बढ़ने लगती है। (Mobile addiction can cause tech neck)
बचपन से ही सही मुद्रा (posture) की आदत डालना बहुत जरूरी है, नहीं तो बड़े होकर यह दर्द जिंदगीभर साथ रहेगा।
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टेक नेक से बचने के आसान उपाय
रीढ़ की सेहत को लेकर दुनियाभर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। National Spine Health Foundation ने ‘Look Up to Prevent Neck Pain’ नाम से एक मुहिम शुरू की है। इसमें कुछ बहुत ही आसान बातें बताई गई हैं जिन्हें अपनाकर हम टेक नेक से बच सकते हैं।
- हर आधे घंटे में सिर ऊपर उठाइए।
- फोन पर स्क्रॉल करते हुए टाइमर लगा लें, ताकि हर 30 मिनट में गर्दन सीधी की जा सके।
- फोन को आंखों की ऊंचाई पर रखें।
- जब भी मोबाइल इस्तेमाल करें, उसे नीचे की बजाय सामने या आंखों के बराबर रखें।
- सही तरीके से बैठें।
- कुर्सी में बैठते समय पीठ को सीधा रखें और सीट को थोड़ा पीछे झुकाएं, ताकि रीढ़ पर दबाव न पड़े।
- गर्दन और पीठ की एक्सरसाइज करें।
- हल्की स्ट्रेचिंग और योगासन जैसे भुजंगासन, ताड़ासन आदि बहुत मददगार हैं।
- बच्चों को बताएं कि लगातार मोबाइल देखने से उनकी हड्डियां टेढ़ी हो सकती हैं।
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