
तुर्की के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित ओयमाकली गांव के पास पुरातत्वविदों ने एक चौंकाने वाली खोज की है। यहां, पहाड़ों के नीचे छिपी हुई एक 1600 साल पुरानी रोमन वाइन फैक्ट्री मिली है, जो अब तक के सबसे अच्छी तरह संरक्षित प्राचीन वाइन उत्पादन स्थलों में से एक मानी जा रही है (1600 year old Roman wine factory)। यह खोज न केवल रोमन काल की शराब बनाने की तकनीक को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि उस समय का कृषि और व्यापार कितना विकसित था।
पहाड़ों के नीचे छिपी शराब की फैक्ट्री
यह स्थल तुर्की के कहता जिले में कहता किला (Kahta Castle) के पास मिला है, जो कभी प्राचीन कोम्मागेने साम्राज्य (Kingdom of Commagene) का अहम गढ़ हुआ करता था। इस पहाड़ी इलाके में 37 एकड़ में फैला यह स्थल यूफ्रेटीस नदी घाटी के ऊपर स्थित है।
खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को यहां अंगूर कुचलने की बड़ी-बड़ी पत्थर की संरचनाएं, सिस्टरन (cisterns) यानी जल भंडारण टैंक, और ग्राइंडिंग स्टोन्स यानी अनाज पीसने वाले पत्थर मिले — और सबसे अद्भुत बात यह रही कि ये सभी अब भी लगभग साबुत अवस्था में हैं (1600 year old Roman wine factory)।
इस प्राचीन फैक्ट्री (1600 year old Roman wine factory) में वाइन बनाने का तरीका आधुनिक समय के मुकाबले बेहद सरल, लेकिन प्रभावशाली था। अंगूरों को पहले हाथों या लकड़ी के बीम की मदद से दबाया जाता था। रस पत्थरों में बने नालों से बहकर स्टोन बेसिन्स में इकट्ठा होता और फिर बड़े मिट्टी के मटकों, जिन्हें अम्फोरा (Amphorae) कहा जाता था, में भर दिया जाता। वहीं, पत्थरों में खुदी हुई सिस्टरनें पानी के भंडारण के काम आती थीं, जो वाइन उत्पादन और रोजमर्रा की जरूरत दोनों के लिए जरूरी था।
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सिर्फ वाइन नहीं, बल्कि जीवन का केंद्र
आर्कियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, यह स्थल सिर्फ वाइन उत्पादन केंद्र नहीं था। यहां मिले ग्राइंडिंग स्टोन्स बताते हैं कि शायद यह जगह आटा पीसने और ऑलिव ऑयल (olive oil) बनाने का भी केंद्र रही होगी। यानी यह एक बहुउद्देश्यीय कृषि-औद्योगिक परिसर था, जहां खेती, उत्पादन और व्यापार, तीनों एक साथ चलते थे।
कहता किला, जो दूसरी सदी ईसा पूर्व में बनाया गया था, एक अहम सैन्य और व्यापारिक केंद्र था। इस लिहाज से माना जा रहा है कि यह वाइन फैक्ट्री (1600 year old Roman wine factory) न केवल किले के सैनिकों और निवासियों की जरूरतें पूरी करती थी, बल्कि व्यापारिक मार्गों से मेसोपोटामिया और अनातोलिया तक वाइन भेजी जाती थी।
यह स्थल चौथी सदी ईस्वी यानी उस दौर का है जब ईसाई धर्म पूरे रोमन साम्राज्य में फैल रहा था और कॉन्स्टैंटिनोपल (Constantinople) नई राजधानी के रूप में उभर रहा था। इसके बावजूद यह खोज दिखाती है कि पहाड़ों के बीच बसे इन छोटे-छोटे कस्बों में जीवन कितना जीवंत था।
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