
Mamata Banerjee
मुर्शिदाबाद (Murshidabad) की फिजाओं में इन दिनों कुछ अजीब सी बेचैनी है। Jangipur और आस-पास के इलाकों में हाल ही में जो हुआ, उसने पूरे पश्चिम बंगाल (West Bengal) को झकझोर दिया है। मुद्दा है केंद्र सरकार द्वारा लाया गया Waqf (Amendment) Act, 2025 – एक ऐसा कानून, जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर लाया गया, लेकिन जिसकी आंच अब सड़कों तक पहुंच चुकी है।
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का ऐलान
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में दो टूक शब्दों में कह दिया, ‘हमने साफ कर दिया है, हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो फिर दंगा किस बात का?’
उनकी इस बात में वह पीड़ा झलक रही थी, जो एक मुख्यमंत्री तब महसूस करता है जब राज्य के किसी कोने में हिंसा होती है। ममता ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा, ‘जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। याद रखें, यह कानून राज्य सरकार ने नहीं बनाया है, बल्कि केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लाया गया है।’
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आगे कहा,
‘धर्म के नाम पर कोई अधार्मिकता मत करो। हर जीवन कीमती है। राजनीति के लिए दंगे मत करो। हम ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे जो दंगे भड़काते हैं।’
कानून का असली मुद्दा क्या है?
Waqf Amendment Act 2025 की असली मंशा केंद्र सरकार के अनुसार यह है कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
यह संशोधन Waqf Act 1995 में बदलाव करके वक्फ बोर्डों की निगरानी, जवाबदेही और संपत्तियों के उपयोग को बेहतर बनाने की बात करता है। सरकार का दावा है कि यह कानून उन घोटालों पर लगाम लगाएगा, जहां वक्फ के नाम पर संपत्तियों का दुरुपयोग हो रहा था।
लेकिन विपक्षी दलों और खासकर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को यह कानून ‘संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन’ नजर आता है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के अनुसार यह कानून ‘targeted legislation’ है, जो खास समुदाय को निशाना बनाता है और राज्यों के अधिकारों में दखल देता है।
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Jangipur और Murshidabad जिले के कई हिस्सों में इस कानून के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गया और प्रशासन को सख्ती बरतनी पड़ी।
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का कहना है कि क्या कुछ लोग राजनीति की रोटियां सेंकने के लिए धर्म की आंच बढ़ा रहे हैं?
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का तीखा प्रहार
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस मसले पर ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। लखनऊ में डॉ. आंबेडकर जयंती से पहले आयोजित समारोह में उन्होंने कहा, ‘Waqf के नाम पर बंगाल में हिंसा फैलाई जा रही है। लोगों को घरों से खींचकर मारा जा रहा है। आखिर बंगाल की हिंसा से किसको फायदा मिल रहा है?’
योगी ने वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए हैं। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर धर्म और इतिहास के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा,
‘समाजवादी पार्टी के लोग जिन्ना और औरंगजेब का महिमामंडन कर रहे हैं। विपक्ष दुष्प्रभाव में माहिर है। कांग्रेस महापुरुषों का अपमान करती है।’
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इस पूरे घटनाक्रम में दो बातें साफ दिखती हैं। पहली कि, Waqf (Amendment) Act, 2025 अब केवल एक कानून नहीं रह गया है, बल्कि यह एक राजनीतिक शस्त्र बन चुका है। और दूसरी, धर्म की जमीन पर राजनीति की फसल उगाने वाले सभी पक्ष अब खुलकर मैदान में आ चुके हैं।
https://en.wikipedia.org/wiki/The_Waqf_(Amendment)_Act,_2025



