Michael Rubin
7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। भारत की इस कार्रवाई ने न केवल आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य और कूटनीतिक हार (Pakistan Defeat) को भी उजागर किया।
भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिजबुल मुजाहिदीन (HM) जैसे आतंकी संगठनों के 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया।
भारत ने आतंकी प्रशिक्षण शिविरों और मुख्यालयों को निशाना बनाया, जिससे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को करारा झटका लगा। इसके जवाब में पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) और जम्मू-कश्मीर में गोलीबारी शुरू की, साथ ही मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश की।
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हालांकि, भारत ने इन हमलों को नाकाम करते हुए पाकिस्तान के रडार सिस्टम, संचार केंद्रों और हवाई अड्डों को नष्ट कर दिया। भारत की इस जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तान को 10 मई को युद्धविराम के लिए मजबूर कर दिया।
पाकिस्तान की हार, भारत की कूटनीतिक जीत
पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन (Michael Rubin) ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत ने न केवल सैन्य, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के आतंकवाद प्रायोजन को उजागर किया। Michael Rubin ने पाकिस्तान की तुलना ‘डरकर भागने वाले कुत्ते’ से की, जो अपनी हार को छिपाने के लिए युद्धविराम की भीख मांग रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने भारत के साथ हर युद्ध की शुरुआत की, लेकिन हर बार हार का सामना करना पड़ा। इस बार भारत ने सटीक हमलों से आतंकी ठिकानों को तबाह किया और पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
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Michael Rubin बोले, पाकिस्तानी सेना और आतंकियों में फर्क नहीं
रुबिन (Michael Rubin) ने पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों द्वारा आतंकियों के अंतिम संस्कार में शामिल होने पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठनों के बीच कोई अंतर नहीं है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सैन्य बल आतंकवाद को बढ़ावा देने में शामिल हैं।
Michael Rubin ने पाकिस्तानी सेना की अक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस हार ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को बेनकाब कर दिया। उन्होंने पूछा कि क्या पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अपनी नाकामी की जिम्मेदारी लेंगे? रुबिन ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) देश के लिए एक कैंसर बन चुकी है, जो समाज और अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है।
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उन्होंने सुझाव दिया कि पाकिस्तान को अपने सिस्टम से आतंकवाद और भ्रष्टाचार को खत्म करना होगा, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि क्या वह ऐसा करने में सक्षम है।
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दुनियाभर में स्थापित किया। भारत ने यह साबित कर दिया कि वह न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा कर सकता है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई भी कर सकता है। इस कार्रवाई ने वैश्विक समुदाय का ध्यान पाकिस्तान के आतंकवाद प्रायोजन पर केंद्रित किया है।
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