
England Argentina football rivalry : फीफा विश्व कप का सेमीफाइनल मुकाबला इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा, लेकिन यह सिर्फ फुटबॉल मैच नहीं माना जा रहा है। दशकों पुरानी राजनीतिक और खेल प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए इसे पूरे टूर्नामेंट का सबसे हाई-रिस्क मुकाबला घोषित किया गया है। इसी वजह से अमेरिकी जांच एजेंसी FBI, FIFA और अटलांटा पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
यह मुकाबला आज रात अमेरिका के अटलांटा स्थित Mercedes-Benz Stadium में खेला जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच से पहले FBI, FIFA और अटलांटा पुलिस के अधिकारियों ने सुरक्षा समीक्षा बैठक की। इसमें संभावित खतरों और दोनों देशों के समर्थकों के बीच टकराव की आशंका पर चर्चा की गई (England Argentina football rivalry)।
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इंग्लैंड और अर्जेंटीना के प्रशंसकों के लिए स्टेडियम में अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। स्टेडियम के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों टीमों के होटल और अटलांटा के प्रमुख मनोरंजन क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि टिकट रीसेल प्लेटफॉर्म के कारण स्टेडियम के अंदर दर्शकों को अलग-अलग बैठाना संभव नहीं होगा (England Argentina football rivalry)।
फुटबॉल से कहीं बड़ी है यह प्रतिद्वंद्विता
इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मुकाबला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है। इसकी जड़ें 1982 के फॉकलैंड युद्ध (Falklands War) से जुड़ी हैं।
1982 में अर्जेंटीना ने फॉकलैंड द्वीपों (Las Malvinas) पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इसके बाद ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच युद्ध हुआ, जिसमें 907 लोगों की जान गई। अंततः ब्रिटेन ने द्वीपों पर दोबारा नियंत्रण स्थापित कर लिया (England Argentina football rivalry)।
आज भी दोनों देशों के बीच फॉकलैंड द्वीपों को लेकर राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं। हाल ही में अर्जेंटीना के विदेश मंत्री ने एक बार फिर इन द्वीपों पर दावा दोहराया, जिसे ब्रिटेन की सरकार ने तुरंत खारिज कर दिया।
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विश्व कप में भी दिखी फॉकलैंड की गूंज
इस विश्व कप के दौरान अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने कई जीत के बाद ऐसे गीत गाए, जिनमें फॉकलैंड द्वीपों का उल्लेख था। अर्जेंटीना में इन द्वीपों को लास माल्विनास (Las Malvinas) कहा जाता है।
हालांकि सेमीफाइनल से पहले अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने माहौल शांत करने की कोशिश की (England Argentina football rivalry)।
उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच है। हमारे सामने एक बेहतरीन टीम और शानदार कोच हैं। इसे सिर्फ खेल की तरह ही देखा जाना चाहिए।
‘हैंड ऑफ गॉड’ ने बढ़ाई थी दुश्मनी
इंग्लैंड और अर्जेंटीना की सबसे चर्चित भिड़ंत 1986 के विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में हुई थी।
उस मैच में महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने विवादित ‘Hand of God’ गोल किया था, जिसमें उन्होंने हाथ से गेंद को गोल में पहुंचाया। इसके कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शानदार एकल गोल दागा, जिसे विश्व कप इतिहास के सबसे बेहतरीन गोलों में गिना जाता है (England Argentina football rivalry)।
बाद में माराडोना ने स्वीकार किया था कि पहला गोल हाथ से हुआ था और इसे उन्होंने फॉकलैंड युद्ध के संदर्भ में प्रतीकात्मक बदला बताया था।
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1966 और 1998 में भी बढ़ा था तनाव
दोनों देशों के बीच तनाव 1982 से भी पहले शुरू हो चुका था। 1966 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान एंटोनियो रैटिन को रेड कार्ड मिला था। मैच के बाद इंग्लैंड के मैनेजर अल्फ रैम्ज़ी ने अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को जानवर तक कह दिया था (England Argentina football rivalry)।
1998 के विश्व कप में इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी डेविड बेकहम को डिएगो सिमियोने को लात मारने के कारण रेड कार्ड मिला। इसके बाद इंग्लैंड पेनाल्टी शूटआउट में हार गया। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता को और अधिक तीखा बना दिया (England Argentina football rivalry)।
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