
सितंबर में UAE में एशिया कप होने वाला है। इसमें एक बार फिर भारत बनाम पाकिस्तान (India vs Pakistan cricket) देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि दोनों टीमें तीन बार आमने-सामने आ सकती हैं – ग्रुप स्टेज, सुपर-4 और फाइनल में। सुनने में रोमांचक लगता है, लेकिन सवाल है कि क्या भारत का पाकिस्तान से खेलना जरूरी है? क्या यह राइवलरी अब भी पहले जैसी है?
भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट (India vs Pakistan cricket) टीमों में उतना ही बड़ा अंतर आ चुका है, जितना दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में। पाकिस्तान की कंगाली उसके खजाने से लेकर उसकी क्रिकेट टीम तक पसरी हुई है। हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान एक पाकिस्तानी प्रशंसक ने कमेंट किया कि पाकिस्तान अब छोटी टीम नजर आती है, जो बस कभी-कभार उलटफेर करने की ताकत रखती है।
भारत- पाकिस्तान मैच (India vs Pakistan cricket) का रोमांच अब इतिहास की बात है। ये दोनों टीमें टकराती हैं, तो भावनाओं, राजनीति और जुनून का उफान तो होता है, पर क्रिकेट में टक्कर देने को नहीं मिलती। फिर सवाल यह भी है कि उस टीम से खेलना ही क्यों, जिसका देश आतंकवाद को बढ़ावा देने में लगा हुआ है।
यह भी पढ़ें : Asia Cup : क्या BCCI की याददाश्त इतनी कमजोर है, जो उसे पहलगाम याद नहीं रहा?
आतंकवाद पाकिस्तान की सरकारी नीति का हिस्सा है। हाल में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर (Asim Munir) ने जिस तरह से परमाणु युद्ध की धमकी दी, उससे साफ हो जाता है कि यह देश केवल अराजकता और आतंकवाद ही फैला सकता है। ऐसे में खेल के नाम पर खेलना अक्लमंदी नहीं कही जा सकती।
क्रिकेट की बात ही करें, तो भारत-पाकिस्तान मुकाबला (India vs Pakistan cricket) पहले जैसा रोमांच पैदा नहीं करता। वनडे में तो खासकर दोनों के बीच बहुत बड़ा गैप आ गया है। आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में भारत बनाम पाकिस्तान देखने को मिला था। उसमें पाकिस्तान की टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और केवल 241 रन बना सकी। जवाब में भारत ने केवल 4 विकेट खोकर 43वें ओवर में ही जीत हासिल कर ली।
इसके पहले 2023 विश्व कप और एशिया कप (Asia Cup) में भी भारत ने पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में हराया था। टी-20 में थोड़ी टक्कर जरूर दिखती है और वह इस वजह से कि फॉर्मेट छोटा होने के कारण कमजोर टीमों को भी मौका मिल जाता है।
पिछले 15 सालों में India vs Pakistan Cricket का हाल
- ODI Matches : 17 – भारत को 12 में जीत मिली, पाकिस्तान 4 जीता और एक का परिणाम नहीं निकला।
- T20I Matches: 13 – भारत ने 10 मुकाबले जीते और पाकिस्तान ने केवल तीन।
- टेस्ट क्रिकेट में दोनों टीमें 18 साल से आमने-सामने नहीं आई हैं।
जब टीमों में इतना अंतर हो, तो उनके आपस में खेलने से क्रिकेट को कैसे फायदा होगा? और क्या पाकिस्तान को क्रिकेट की कोई फिक्र है भी? वह भारत से खेलना चाहता है, क्योंकि उसे पैसे मिलते हैं।
एशिया कप में भारत बनाम पाकिस्तान (India vs Pakistan cricket) की असली कहानी पैसा है। खबरों के मुताबिक, अकेले तीन टूर्नामेंट के मीडिया राइट्स की कीमत करीब 1,400 करोड़ रुपये है। इसमें ग्राउंड राइट्स से लगभग 290 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलता है। यह कमाई तभी होगी, जब भारत खेलेगा। इतने पैसे जुटाना पाकिस्तान के बस की बात नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कुल कमाई ही इतनी नहीं है।
यह याद रखिए कि भारत एशिया कप (Asia Cup) की कमाई से कुछ नहीं लेता। वह अपना पैसा दूसरे सदस्य देशों को दे देता है। अगर BCCI को दूसरे बोर्ड की मदद करनी है, तो उनके साथ अलग से क्रिकेट खेल ले। इस तरह एशिया कप में खेलने से पाकिस्तान को भी फायदा होगा और इसकी क्या गारंटी कि वह पैसा फिर किसी ऐसे संगठन के पास नहीं पहुंचेगा जो मदरसे के बहाने आतंकवाद की पाठशाला चला रहा होगा।
यह भी पढ़ें : Pakistan : गरीबी या साजिश नहीं, पाकिस्तान के डीएनए में है आतंकवाद
पाकिस्तान की मौजूदा फॉर्म पर सवाल
हाल ही में वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ तीसरे ODI में पाकिस्तान की हालत खराब रही। मैच में पाकिस्तान मात्र 92 रन पर ऑलआउट हो गया और 202 रन से हार गया।
मैच में वेस्टइंडीज के गेंदबाज Jayden Seales ने 6 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। टॉप ऑर्डर में Saim Ayub, Abdullah Shafique और कप्तान Mohammad Rizwan बिना रन बनाए आउट हुए, जबकि स्टार बल्लेबाज बाबर आजम (Babar Azam) सिर्फ 9 रन बना पाए।
इस हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी बासित अली (Basit Ali) ने तंज कसते हुए कहा, ‘मैं दुआ करता हूं कि इंडिया, पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में खेलने से इनकार कर दे, वरना इतनी बुरी तरह हराएगा कि सोच भी नहीं सकते।’
https://uplive24news.blogspot.com/2025/08/History%20of%20Balochistan%20and%20Jinnahs%20betrayal.html



