
पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज़ अहमद शहजाद (Ahmed Shehzad) ने खिलाड़ियों की तुलना करने की प्रवृत्ति पर कड़ा रुख अपनाया है, खासकर बाबर आजम और भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Babar and Virat comparison) के बीच होने वाली तुलना पर। एक इंटरव्यू में शहजाद ने कहा कि यह न सिर्फ खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी है, बल्कि उन पर बेवजह दबाव भी बढ़ाता है, जो इस समय बाबर के खेल में साफ नज़र आ रहा है।
शहजाद ने कहा कि जब सब कुछ अच्छा चल रहा था, तब आप खिलाड़ियों की तुलना करने के कैंपेन चला रहे थे। अब जब प्रदर्शन नहीं आ रहा, तो कह रहे हैं कि दो खिलाड़ियों की तुलना मत करो (Babar and Virat comparison)। क्यों नहीं?
शहजाद ने कहा कि विराट कोहली की तुलना दुनिया में किसी से नहीं की जा सकती। वह इस पीढ़ी के लीजेंड हैं, रोल मॉडल हैं। उनकी तुलना आप एमएस धोनी से भी नहीं कर सकते। धोनी महान कप्तान रहे होंगे, लेकिन बल्लेबाज, क्रिकेटर और एथलीट के तौर पर कोहली (Virat Kohli) का कोई मुकाबला नहीं है। किसी की तुलना किसी से नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह नाइंसाफी है और यह अतिरिक्त दबाव बनाती है, जैसा कि आज बाबर के साथ हो रहा है।
पाकिस्तान को है बाबर-विराट तुलना (Babar and Virat comparison) की बीमारी
अहमद शहजाद पहले भी यह बात कह चुके हैं कि विराट कोहली के मुकाबले में बाबर आजम (Babar and Virat comparison) को खड़ा नहीं किया जा सकता। लेकिन, यह पाकिस्तानी आदत है कि वहां के क्रिकेटर, एक्सपर्ट बार-बार बाबर को विराट से मिलाने लगते हैं।
जब भी बाबर के बल्ले से एकाध पारी अच्छी निकल जाती है, तो तुलना (Babar and Virat comparison) शुरू होने लगती है। हालांकि पाकिस्तान के ही तमाम फैंस बाबर को जिम्बाबर कहते हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ रन बनाने की वजह से बाबर को यह नाम मिला है। ट्रोल करने वालों के अनुसार बाबर जिम्बाब्वे के खिलाफ रन बनाकर अपने एवरेज बेहतर करते हैं।
पिछले साल PSL के एक मैच के दौरान स्टेडियम के अंदर पाकिस्तानी फैंस ने बाबर को चिढ़ाना शुरू कर दिया था। जिस खिलाड़ी पर वहां के लोगों को ही भरोसा नहीं, उसकी तुलना विराट कोहली से करना (Babar and Virat comparison), यह बात ही अपने आप में मजाक लगती है।
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बाबर का रनों का सूखा
बाबर आजम की फॉर्म पिछले कई महीनों से खराब है। उन्होंने पिछला शतक 72 पारियों पहले लगाया था। इसमें टेस्ट, वनडे और टी-20 शामिल है। यह आखिरी शतक भी 2023 में नेपाल के खिलाफ आया था।
इसके अलावा, 2024 से अब तक बाबर और मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जो full-member nations के खिलाड़ियों में स्ट्राइक रेट 80 से नीचे रख पाए हैं।
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कप्तानी छिनने के बाद बढ़ी मुश्किलें
बाबर अब पाकिस्तान के सभी फॉर्मेट में कप्तान नहीं हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में खराब नतीजों और अपने गिरते प्रदर्शन के चलते कप्तानी छोड़ दी। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज ने उनके संघर्ष को और उजागर कर दिया। तीसरे वनडे में पाकिस्तान को 202 रन से हार का सामना करना पड़ा। 34 साल बाद वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान से द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती है।
इस सीरीज में बाबर का बल्ला बुरी तरफ से फ्लॉप रहा। तीनों मैच में उन्होंने कुल मिलाकर 56 रन बनाए हैं। पहले वनडे में 64 गेंदों पर 47 रन उनका बेस्ट स्कोर था।
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