
Eden Gardens pitch controversy : कोलकाता का ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स इस बार टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) की खूबसूरती दिखाने नहीं, बल्कि उसकी मुश्किलों को सामने लाने के लिए याद रखा जाएगा।
भारत को दक्षिण अफ्रीका से 30 रन की हार मिली (India vs South Africa Test), और यह हार केवल स्कोरबोर्ड की गलती नहीं थी, बल्कि पिच, टीम की तैयारी और रणनीति पर उठे बड़े सवालों का नतीजा भी थी।
भारत 124 जैसे छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 93/9 पर रुक गया, क्योंकि कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण बल्लेबाज़ी करने नहीं आ सके। इस नतीजे ने पूरे मैच को एक बड़ा विवाद बना दिया, जिसमें पिच क्वालिटी (Eden Gardens pitch controversy) से लेकर टीम प्लानिंग, तक हर चीज को कठघरे में खड़ा किया गया।
मैच खत्म होते ही सबसे ज्यादा चर्चा पिच (Eden Gardens pitch controversy) को लेकर हुई, जो दूसरे दिन से ही टूटने लगी थी और तीसरे दिन खत्म होने की कगार पर थी। कई लोग पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी को दोष दे रहे थे, लेकिन तभी सामने आए CAB अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली।
गांगुली ने साफ कहा कि पिच बिल्कुल वैसी ही बनाई गई थी जैसी भारतीय टीम ने मांग की थी, और इस सतह को चार दिनों तक पानी नहीं दिया गया था (Eden Gardens pitch controversy)। उन्होंने यह भी जोड़ा कि क्यूरेटर को दोष देना गलत है, क्योंकि यह पूरी तरह टीम मैनेजमेंट की पसंद (Team Strategy Preference) पर आधारित पिच थी।
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पूर्व खिलाड़ी पिच विवाद (Eden Gardens pitch controversy) पर क्या बोले?
पूर्व खिलाड़ियों ने इस कठिन पिच पर अपनी-अपनी राय दी, और लगभग हर टिप्पणी ने पिच को केंद्र में रखा। पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने कहा कि मैच से एक रात पहले पिच को पानी न देने से सतह टूट गई। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज वर्नन फिलेंडर का मत था कि टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ी को हर हालत में एडजस्ट करना पड़ता है, और फोकस पिच से ज्यादा खिलाड़ियों की तकनीक पर होना चाहिए।
वहीं दक्षिण अफ्रीका के बैटिंग कोच अशवेल प्रिंस ने खुलकर कहा कि जब गेंद कभी अचानक नीचे फिसले और कभी अचानक उछल जाए, तो बल्लेबाज एक भी शॉट पूरे विश्वास से नहीं खेल सकता। पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि अगर ऐसी पिचें मिलती रहीं, तो टेस्ट क्रिकेट की मौत (Test Cricket Future) खुद हम ही लिख देंगे।
अब इस पूरे मामले पर ICC की नजर है, और संभावना है कि ईडन गार्डन्स की पिच को Poor Pitch Rating मिले और मैदान को डिमेरिट पॉइंट्स दिए जाएं (Eden Gardens pitch controversy)।
इस हार ने यह बात साफ कर दी है कि टेस्ट क्रिकेट सिर्फ गेंदबाजी के लिए पिच बनाकर नहीं जीता जाता, बल्कि बैटिंग और बॉलिंग, दोनों में संतुलन बनाकर जुझारू क्रिकेट खेलकर जीता जाता है। भारत ने ऐसी पिच बनाने की कोशिश की जो विरोधी को परेशान करे, लेकिन वही पिच भारतीय बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ा विरोधी साबित हुई। यह हार भारत को यह याद दिलाने के लिए काफी है कि घरेलू फायदा तभी फायदा देता है जब रणनीति सही दिशा में हो और खिलाड़ी मैदान पर परिस्थितियों से लड़ने के लिए तैयार हों।
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