
IndiGo Crisis : नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL नियम, जो 1 नवंबर से लागू हुए थे, पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ कहा है कि सारे नियम अभी भी लागू हैं और इनमें किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। जो भी राहत दी गई है, वह अस्थायी है और वह भी सिर्फ इंडिगो के A320 बेड़े की उड़ानों के लिए।
हाल के दिनों में इंडिगो संकट (IndiGo Crisis) के कारण शेड्यूल बिगड़ गया था और यात्रियों को दिक्कत हो रही थी, इसलिए कुछ छूट दी गई है ताकि नेटवर्क जल्दी स्थिर हो सके।
उलझन तब पैदा हुई जब मंत्रालय की ओर से जारी बयान में शुरुआत की एक पंक्ति थोड़ी अस्पष्ट थी। उसमें FDTL आदेश को अबेयंस में रखने जैसा शब्द था, जिससे यह गलतफहमी फैल गई कि पूरा नया सिस्टम रोक दिया गया है।
सोशल मीडिया और विमानन क्षेत्र में यही भ्रम तेजी से फैल गया कि इंडिगो संकट (IndiGo Crisis) के चलते सरकार ने कदम पीछे खींच लिए। जबकि हकीकत यह है कि DGCA का आधिकारिक आदेश सिर्फ इंडिगो के A320 संचालन के लिए सीमित छूट की बात करता है।
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सरकार ने बाद में साफ किया कि FDTL के सभी बड़े नियम – जैसे पायलट के अधिकतम ड्यूटी घंटे, अनिवार्य आराम और थकान से जुड़े सुरक्षा स्टैंडर्ड पूरी तरह लागू हैं। इनमें किसी तरह की राहत नहीं है। छूट सिर्फ उसी हिस्से में दी गई है जहां इंडिगो की रोस्टरिंग में परेशानी (IndiGo Crisis) आ रही थी। दूसरी एयरलाइंस या इंडिगो के दूसरे विमान प्रकार पर इसका कोई असर नहीं है।
पिछले कुछ दिनों में इंडिगो की कई उड़ानें देरी से चलीं या रद्द हुईं (IndiGo Crisis)। Phase-2 FDTL लागू होने के बाद रोस्टरिंग पर दबाव बढ़ गया था और काफी उड़ानें प्रभावित हुई थीं। यात्रियों की परेशानी कम करने और शेड्यूल को फिर सामान्य करने के लिए DGCA ने सीमित छूट दी, ताकि एयरलाइन क्रू प्रबंधन को जल्दी ठीक कर सके।
इंडिगो को मिली राहत तीन हिस्सों में बंटी है।
- पहली राहत – रात की ड्यूटी के समय से जुड़ी है। पहले रात का समय 12 बजे से सुबह 6 बजे तक माना गया था, अब इसे 12 से 5 बजे कर दिया गया है। इससे रोस्टर बनाने में थोड़ी आसानी होती है।
- दूसरी राहत – रात की ड्यूटी में उड़ान भरने वाले पायलट अब 10 घंटे की ड्यूटी में दो से ज्यादा लैंडिंग कर सकते हैं।
- तीसरी राहत – एयरलाइन पायलट की छुट्टी को उसके साप्ताहिक आराम में जोड़ सकती है, जिससे रोस्टरिंग जल्दी स्थिर हो पाएगी।
इसके उलट, कई अहम सुरक्षा नियम ऐसे हैं जिनमें कोई ढील नहीं है – जैसे लगातार 48 घंटे का साप्ताहिक आराम, लंबे सेक्टरों में इन-फ्लाइट आराम और थकान से जुड़े अनिवार्य मानक। इन पर सरकार ने साफ कहा है कि कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
छूट केवल A320 बेड़े तक सीमित रखने का कारण भी स्पष्ट है। इंडिगो का सबसे बड़ा संचालन इसी बेड़े पर चलता है और क्रू की कमी सबसे ज्यादा यहीं महसूस हुई (IndiGo Crisis)। इसलिए DGCA ने राहत को उसी हिस्से में सीमित किया ताकि अन्य एयरलाइंस और बाकी बेड़ों पर कोई अनचाहा असर न पड़े और सुरक्षा मानक पूरी तरह बरकरार रहें।



