
LPG vs induction cooking cost : पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई तक महसूस होने लगा है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में आई बाधाओं के कारण कई शहरों में LPG की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। कुछ जगहों पर रेस्टोरेंट्स को अपना मेनू सीमित करना पड़ा है, जबकि कई घरों में लोग खाना बनाने के दूसरे विकल्पों पर विचार करने लगे हैं।
ऐसे माहौल में एक सवाल बार-बार सामने आ रहा है, क्या मौजूदा हालात में गैस सिलेंडर पर खाना बनाना सस्ता है या इंडक्शन का इस्तेमाल ज्यादा किफायती पड़ता है (LPG vs induction cooking cost)?
भारत अपनी घरेलू रसोई गैस का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए जब भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल होती है, उसका असर सीधे देश में गैस की कीमतों और उपलब्धता पर पड़ता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग मार्गों पर दबाव बढ़ा है और ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी गई है।
हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि कमर्शियल सिलेंडर लगभग 115 रुपये महंगे हो गए। बढ़ती कीमतों और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण कई जगहों पर लोगों ने अतिरिक्त सिलेंडर खरीदना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया।
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अगर तकनीक की बात करें तो पारंपरिक गैस स्टोव में एलपीजी गैस जलकर आग पैदा करती है और उसी से बर्तन गर्म होता है। लेकिन इस प्रक्रिया में काफी ऊर्जा आसपास की हवा में फैल जाती है, इसलिए इसकी कार्यक्षमता सीमित रहती है (LPG vs induction cooking cost)।
इसके उलट इंडक्शन कुकटॉप में बिजली के जरिए एक चुंबकीय क्षेत्र बनाया जाता है, जिससे बर्तन सीधे गर्म होता है। इस वजह से ऊर्जा की बर्बादी कम होती है और कुकिंग ज्यादा ऊर्जा-कुशल मानी जाती है।
लागत के लिहाज से देखें तो एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम गैस होती है, लेकिन गैस स्टोव की दक्षता करीब 55 प्रतिशत ही मानी जाती है। यानी लगभग आधी ऊर्जा ही काम आती है और बाकि नष्ट हो जाती है (LPG vs induction cooking cost)।
कई शहरों में एक घरेलू सिलेंडर की कीमत फिलहाल 900 से 1,100 रुपये के बीच है, जो सब्सिडी और क्षेत्र के अनुसार बदलती रहती है। दूसरी तरफ ज्यादातर राज्यों में घरेलू बिजली की दर 4 से 8 रुपये प्रति यूनिट के बीच होती है। क्योंकि इंडक्शन कुकटॉप बिजली की ऊर्जा का बड़ा हिस्सा सीधे गर्मी में बदल देता है, इसलिए यह गैस स्टोव की तुलना में ज्यादा कुशल माना जाता है (LPG vs induction cooking cost)।
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इस बारे में कई स्टडी भी हुई हैं, जो बताती हैं कि एलपीजी की तुलना में इलेक्ट्रिक कुकिंग कई मामलों में लगभग 37 प्रतिशत तक सस्ती पड़ सकती है (LPG vs induction cooking cost)। हालांकि एक बात ध्यान रखने वाली है कि कई परिवारों को गैस सिलेंडर सब्सिडी वाले रेट पर मिलता है, तो उन्हें एलपीजी सस्ती पड़ सकती है।
यह तुलना (LPG vs induction cooking cost) बिजली के बिल पर भी निर्भर करती है। अगर किसी राज्य में रेट ज्यादा है, तो वहां इंडक्शन का इस्तेमाल जाहिर तौर पर महंगा पड़ेगा।
पर्यावरण के लिए बेहतर है इंडक्शन
पर्यावरण के नजरिये से भी दोनों विकल्पों की तुलना दिलचस्प है। एलपीजी को कोयले और लकड़ी की तुलना में साफ ईंधन माना जाता है, लेकिन यह फिर भी एक जीवाश्म ईंधन है और इसके जलने से कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं।
इसके विपरीत इंडक्शन कुकिंग में सीधे कोई ईंधन नहीं जलता, इसलिए घर के भीतर प्रदूषण कम होता है। अगर बिजली का उत्पादन सौर या पवन जैसे नवीकरणीय स्रोतों से हो रहा हो, तो इंडक्शन कुकिंग पर्यावरण के लिहाज से और भी बेहतर विकल्प बन सकती है (LPG vs induction cooking cost)।
इसके बावजूद भारत में बड़ी संख्या में लोग अभी भी गैस स्टोव को ही प्राथमिकता देते हैं। इसकी एक बड़ी वजह बिजली पर निर्भरता है। कई क्षेत्रों में लंबे बिजली कटौती के कारण इलेक्ट्रिक कुकिंग हमेशा भरोसेमंद विकल्प नहीं मानी जाती। इसके अलावा भारतीय रसोई में रोटी बनाना, तड़का लगाना या सीधे आंच पर भूनना जैसे पारंपरिक तरीके गैस पर ज्यादा आसानी से किए जा सकते हैं।
एक और कारण शुरुआती लागत भी है। एक साधारण इंडक्शन कुकटॉप की कीमत आमतौर पर 2,000 से 4,000 रुपये के बीच होती है और इसके लिए ऐसे बर्तन चाहिए जिनका मैग्नेटिक बेस हो। वहीं अधिकांश घरों में पहले से गैस स्टोव और सामान्य बर्तन मौजूद होते हैं, इसलिए लोग उसी का इस्तेमाल जारी रखना आसान समझते हैं।
तो निष्कर्ष यह है कि,
जहां बिजली सस्ती है और एलपीजी पर सब्सिडी नहीं मिलती, वहां इंडक्शन कुकिंग लंबे समय में ज्यादा किफायती साबित हो सकती है। लेकिन जिन घरों को गैस पर सब्सिडी मिलती है या जहां बिजली की कीमतें ज्यादा हैं, वहां एलपीजी अभी भी बेहतर विकल्प माना जाता है।
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