
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक नई पहल की शुरुआत की है, जिसका नाम है – विकसित भारत रोजगार योजना (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana)। इस योजना का मकसद है देश के युवाओं को रोजगार देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता खोलना। सरकार का कहना है कि आज भारत जिस तेजी से विकास कर रहा है, उसके लिए मजबूत और प्रशिक्षित कार्यबल की जरूरत है। यही कारण है कि इस योजना को रोजगार सृजन के बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana के तहत युवाओं को सिर्फ नौकरी ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें नए कौशल सिखाए जाएंगे ताकि वे बदलती दुनिया की ज़रूरतों के अनुसार काम कर सकें। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों से यह योजना जुड़कर और मजबूत बनती है।
सरकार चाहती है कि गांव से लेकर शहर तक हर युवा को ऐसा अवसर मिले, जिससे उसकी प्रतिभा निखरे और वह देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे सके।
रोजगार योजना (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana) के तहत सरकार उन कंपनियों और उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है, जो नए लोगों को काम पर रखने के लिए आगे आएंगे। इसके लिए टैक्स में रियायत और कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इससे एक ओर कंपनियों को फायदा होगा और दूसरी ओर नौजवानों के लिए काम के अवसर खुलेंगे।
इस योजना (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana) का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 पर किया था, जिसे 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी।
सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है और इसका लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नई नौकरियां पैदा करना है।
Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana का उद्देश्य
इस योजना का मकसद युवाओं को नौकरी दिलाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया है, हालांकि यह योजना सभी क्षेत्रों में लागू होगी।
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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना दो हिस्सों में है
भाग A : नए कर्मचारी
पहली बार औपचारिक नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को सरकार की ओर से 15,000 रुपये तक की वित्तीय मदद (Incentive for Employees) मिलेगी। यह राशि दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
पहली किस्त 6 महीने की निरंतर नौकरी पूरी करने पर और दूसरी किस्त फाइनेंशियल लिटरेसी प्रोग्राम पूरा करने के बाद मिलेगी।
भाग B: नियोक्ताओं के लिए (Employer Incentives)
नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले नियोक्ताओं को सरकार की ओर से 3,000 रुपये प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन (Incentive for Employers) दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन 2 साल तक मिलेगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों के लिए यह अवधि 4 साल होगी।
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पात्रता (Eligibility for Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana)
- कर्मचारी की नियुक्ति 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच होनी चाहिए।
- कर्मचारी पहले कभी EPFO सदस्य न रहा हो।
- नौकरी शुरू करते समय उसकी मासिक सैलरी 1 लाख रुपये तक हो सकती है।
- पहली किस्त पाने के लिए कम से कम 6 महीने तक उसी कंपनी में काम करना जरूरी है।
योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
- UAN (Universal Account Number) नियोक्ता या UMANG App से बनवाएं।
- लगातार 6 महीने की नौकरी पूरी करें।
- सरकार की ओर से पहली किस्त DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी।
- फाइनेंशियल लिटरेसी प्रोग्राम 12 महीने में पूरा करने पर दूसरी किस्त मिलेगी।
- नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन राशि सीधे उनके PAN-linked account में ट्रांसफर होगी।
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कर्मचारियों के लिए फायदे (Benefits of Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana)
- औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा
- शुरुआती करियर में प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट
- बेहतर करियर अवसर और आर्थिक स्थिरता
- वित्तीय प्रबंधन सीखने का मौका
- नियोक्ताओं के लिए फायदे
- नई भर्ती पर खर्च की भरपाई
- कर्मचारियों की स्थिरता और उत्पादकता में सुधार
- सामाजिक सुरक्षा लागू करने में प्रोत्साहन



