
Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) शनिवार को आगरा (Agra) पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन (Ramji Lal Suman) से मुलाकात की। हाल ही में Ramji Lal Suman की राणा सांगा (Rana Sanga) पर की गई टिप्पणी को लेकर मचा राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। विपक्ष ने जहां सुमन को निशाने पर लिया है, वहीं अखिलेश यादव उनके समर्थन में पूरी मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं।
‘सुमन जी के घर जाना मेरा फर्ज था’
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आगरा विजिट के दौरान स्पष्ट किया कि वह केवल अपने पार्टी के नेता से मिलने आए हैं, ना कि किसी तरह का प्रदर्शन करने। उन्होंने कहा, ‘सुमन जी के घर आना मेरा कर्तव्य था। किसी तरह की ताकत नहीं दिखाई गई, न ही कोई प्रदर्शन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता से मिलने आया हूं।’
करणी सेना (Karni Sena) की रैली पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘यह करणी सेना नहीं, बल्कि योगी सेना है। सरकार से इन्हें फंडिंग मिल रही है। मुख्यमंत्री के सजातीय लोग तलवारें लहरा रहे थे, जिससे साफ है कि ये लोग पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।’
अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने इस प्रदर्शन की तुलना हिटलर की फासीवादी ताकतों से करते हुए कहा, ‘जिस तरह हिटलर अपनी सेना से लोगों की आवाज दबाता था, उसी तरह ये योगी सेना लोगों को खामोश करना चाहती है।’
‘आगरा (Agra) की सड़कों पर तलवारें और बंदूकें लहराईं गईं’
सपा (Samajwadi Party) प्रमुख ने सवाल उठाया कि जब आगरा में राणा सांगा जयंती (Rana Sanga Jayanti) पर हथियारों का प्रदर्शन हुआ, तब प्रशासन चुप क्यों था? उन्होंने कहा, ‘जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें दिखाई दे रहा है कि किस तरह खुलेआम तलवारें और बंदूकें लहराईं गईं। सरकार ने इसकी इजाजत दी। ये शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था, बल्कि जान लेने की नीयत थी।’
‘PDA को डराने की कोशिश है’
अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने कहा कि यह सब PDA (Pichda, Dalit, Alpsankhyak) समुदाय को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘भीड़ सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर वायरल कर रही है। ये सब सरकार की फंडिंग और समर्थन से हो रहा है। हाल में हुए उपचुनाव भी डरा-धमकाकर ही जीते गए हैं।’
उन्होंने आरोप लगाया कि UP Police में भी ऊंची जातियों के थानेदार तैनात किए जा रहे हैं, जबकि PDA के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जा रही।
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‘मुझे भी गोली मारने की धमकी मिल रही है’
इस दौरान अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उन्हें भी गोली मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार को खुद इन धमकियों का संज्ञान लेना चाहिए, लेकिन वह चुप है। अगर समाजवादी पार्टी का कोई कार्यकर्ता शिकायत करने जाता है तो उस पर कोई सुनवाई नहीं होती।’
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चेताया कि इस तरह के हिंसात्मक प्रदर्शन से आगरा की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, ‘आगरा एक ऐतिहासिक और पर्यटन का शहर है। अगर यहां इस तरह की घटनाएं होंगी तो दुनिया भर में शहर की पहचान खतरे में पड़ जाएगी।’



