
Pakistan Cricket
बहुत अरमानों से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) ने चैंपियंस ट्रॉफी की महफिल सजाई थी। उसे उम्मीद थी कि वर्ल्ड क्रिकेट में उसका नाम हो जाएगा, दबदबा होगा और पैसों की बारिश हो जाएगी।
हालांकि अब पाकिस्तानी खबरों से ही अंदाजा लग रहा है कि चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) ने पीसीबी को कंगाल कर दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट (Pakistan Cricket) पहले ही तमाम मुश्किलों से जूझ रहा था और आईसीसी इवेंट की होस्टिंग ने उसे और परेशानी में धकेल दिया है।
पाकिस्तान के एक सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट वहीद खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस बारे में जानकारी दी है। वहीद खान के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) ने घरेलू टी-20 लीग के बजट में जबरदस्त कटौती कर दी है। इस लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों को पहले मैच फीस के रूप में एक लाख पाकिस्तानी रुपये दिए जाते थे। अब केवल 10 हजार पाकिस्तानी रुपये मिलेंगे।
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इसी तरह से रिजर्व खिलाड़ियों को केवल पांच हजार रुपये पाकिस्तानी रुपये दिए जाएंगे। इस समय पाकिस्तान की करंसी बेहद निचले दौर में है। अगर भारत से तुलना करें तो 10 हजार पाकिस्तानी रुपये लगभग 2900 भारतीय रुपये के बराबर होते हैं। वहीं, डॉलर में इसकी वैल्यू 35 USD से थोड़ा ही अधिक है।
ट्रेन से यात्रा करो, सस्ते होटल में रुको
घरेलू खिलाड़ियों को पहले हवाई यात्रा की अनुमति थी। किसी टूर्नामेंट के लिए सारे प्लेयर फाइव स्टार होटल में रुकते थे। Pakistan Cricket की हालत अब इतनी खराब हो चुकी है कि खिलाड़ियों को एयर ट्रैवलिंग से रोक दिया गया है। सभी से कहा गया है कि वे ट्रेन में यात्रा करें।
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Pakistan Cricket Player अब पांच सितारा होटल में भी नहीं रुक सकेंगे। उन्हें अधिकतम तीन सितारा होटलों की सुविधा मिलेगी। ये सारे कदम खर्चों में कटौती के लिए उठाए गए हैं।
खर्च ज्यादा किया, कमाई कुछ नहीं
पाकिस्तान को लगभग तीन दशक बाद किसी ICC इवेंट की मेजबानी मिली थी। दुनिया को रिझाने के लिए उसने अपनी लिमिट से ज्यादा पैसे खर्च कर दिए। टूर्नामेंट के लिए स्टेडियम को नए सिरे से बनाया गया। इसमें 200 करोड़ पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा खर्च हुए।
PCB अपनी आय के लिए बहुत हद तक आईसीसी से मिलने वाली फंडिंग पर निर्भर है। इसी से पाकिस्तान क्रिकेट (Pakistan Cricket) का पूरा खर्च चलता है। पिछले कुछ समय से बोर्ड ने अपने खर्चे बेहद बढ़ा लिए हैं।
मेंटोर पर 50-50 लाख खर्च
पाकिस्तान क्रिकेट (Pakistan Cricket) में हर दूसरे महीने एक नया प्रयोग होता है। पिछले साल पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने मेंटोर का प्रयोग किया। पांच पूर्व खिलाड़ियों को मेंटोर बनाया गया है। इनमें वकार यूनुस, सकलैन मुश्ताक, मिस्बाह उल हक, शोएब मलिक शामिल हैं। इन्हें हर महीने 50 लाख पाकिस्तानी रुपये बतौर फीस दिए जाते हैं।
पाकिस्तान के क्रिकेट एक्सपर्ट (Pakistan Cricket Expert) ही इन नियुक्तियों पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि मेंटोर बिना काम के बैठे-बिठाए पैसे ले रहे। सबसे बड़ी हैरत की बात तो यह है कि पीसीबी से फीस लेने के साथ ही ये मेंटोर टीवी चैनलों पर भी बैठते हैं।
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पाकिस्तान को उम्मीद थी कि चैंपियंस ट्रॉफी की होस्टिंग (Champions Trophy Hosting Controversy) से उसे तगड़ा मुनाफा होगा। लेकिन उसकी टीम पहले ही राउंड में बाहर हो गई। मोहम्मद रिजवान की कप्तानी में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई।
इस मायूस करने वाले प्रदर्शन के चलते पाकिस्तानी क्रिकेट फैंस (Pakistan Cricket Fans) का टूर्नामेंट के बीच में ही मोहभंग हो गया। इसका असर यह हुआ कि पाकिस्तान में हुए तकरीबन सारे ही मुकाबलों में स्टेडियम खाली रहे। वैसे भी फैंस किसे देखने जाते, जब उनकी टीम ही नहीं खेल रही थी।
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पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल से भी तगड़ा झटका लगा। भारत के साथ होड़ लेने के चक्कर में उसने हाइब्रिड की जिद ठान ली, लेकिन इस बात का ख्याल नहीं रखा कि इससे लागत भी बढ़ जाएगी। पाकिस्तान के कई एक्सपर्ट ने भी इसे लेकर चेताया था। आखिर में वही हुआ।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मदद पर टिकी हुई है। IMF, अमेरिका, चीन और सऊदी अरब अगर हाथ खींच लेते हैं, तो पाकिस्तान को दिवालिया होने से कोई रोक नहीं सकता। यही हाल अब पाकिस्तान क्रिकेट का भी होने जा रहा है। PCB भी बाहर से मिली रकम के भरोसे अपने पैर फैला रहा है।
यहां देखें कि किस तरह Pakistan Cricket पर पड़ी बजट कट की मार –



