
अपडेट :
- उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तरकाशी-गंगोत्री मार्ग यानी NH-34 पर कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पापड़गाड़ में लगभग 100 मीटर सड़क बह गई है और धराली के पास भारी मलबा जमा हो गया है।
- उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) बुधवार को बादल फटने और फ्लैश फ्लड (Flash flood in Uttarkashi) से तबाही की मार झेल रहे उत्तरकाशी पहुंचे। उन्होंने हवाई सर्वे किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
Flash flood in Uttarkashi : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को एक भयावह प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी, जब खीरगंगा नदी (Kheer Ganga River) के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से धाराली गांव (Dharali village) में भीषण फ्लैश फ्लड (Flash flood in Uttarkashi) आ गई। इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक भीषण बाढ़ की लहर (Flash flood in Uttarkashi) ने धाराली गांव को अपनी चपेट में ले लिया। हम जान-माल के नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।”
बचाव कार्य के लिए सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन, तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें पहले ही गांव में राहत और बचाव के काम में जुट चुकी हैं।
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फ्लैश फ्लड में (Flash flood in Uttarkashi) होटल और होमस्टे तबाह, मलबे में फंसे मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धाराली क्षेत्र में मौजूद कई होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट पूरी तरह बह गए हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि 10 से 12 मजदूर मलबे में फंसे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।
घटनास्थल के वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि किस तरह बाढ़ का पानी मकानों, दुकानों और सड़कों को बहा ले गया, और पूरे गांव में सिर्फ कीचड़ और मलबे का ढेर रह गया।
विडियो यहां देखें –
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गृहमंत्री ने दिए तत्काल राहत के निर्देश
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और आईटीबीपी (ITBP) और एनडीआरएफ को तत्काल राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।
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बड़कोट में भी नुकसान, भारी बारिश का अलर्ट
बड़कोट की बनाला पट्टी क्षेत्र में भी कुड गधेरे (Kud Gadhera stream) के उफान में करीब 18 बकरियां बह गईं। इससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने 10 अगस्त तक उत्तराखंड में भारी बारिश (heavy rainfall in Uttarakhand) की चेतावनी जारी की है। खासकर पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के चलते भूस्खलन और बाढ़ की आशंका जताई गई है।
हर्षिल और भटवारी से अतिरिक्त बचाव दल रवाना किए गए हैं। लापता लोगों की तलाश, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और इलाके की साफ-सफाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
10 मिनट में पहुंची सेना

यह घटना (Flash flood in Uttarkashi) दोपहर 1.45 बजे की है। धराली गांव हर्षिल में स्थित आर्मी कैंप से करीब चार किलोमीटर उत्तर में है। सेना के जवान 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए। करीब 150 सेना के जवानों ने 15 से 20 लोगों को तुरंत बचा लिया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी की आपदा (Flash flood in Uttarkashi) पर दुख जताया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल से लिखा कि उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।



