
Japan
जापान (Japan) में हाल ही में कृषि मंत्री ताकु एतो (Taku Etō) को अपने एक विवादास्पद बयान के कारण पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा था कि उन्हें चावल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि उनके समर्थक उन्हें चावल उपहार में देते हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया जब जापान (Japan) में चावल की कीमतें आसमान छू रही हैं और आम जनता महंगाई से जूझ रही है। एतो के इस बयान ने जनता में आक्रोश पैदा किया और प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा (Shigeru Ishiba) की सरकार पर दबाव बढ़ा दिया, जो पहले से ही जुलाई में होने वाले उच्च सदन के चुनावों के मद्देनजर चुनौतियों का सामना कर रही है।
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जापान (Japan) में चावल संकट का कारण
जापान में चावल की कीमतों में तेजी से वृद्धि के पीछे कई कारण हैं –
खराब फसल : 2023 में अत्यधिक गर्मी के कारण चावल की फसल खराब हुई, जिससे उत्पादन में कमी आई।
घबराहट में खरीदारी : 2024 में एक मेगाक्वेक की चेतावनी के बाद लोगों ने चावल की जमाखोरी शुरू कर दी, जिससे आपूर्ति पर दबाव बढ़ा।
मूल्य वृद्धि : 2025 की शुरुआत में 5 किलोग्राम चावल की कीमत 4,268 येन (लगभग $29) तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है।
आपूर्ति में बाधाएं : सरकार द्वारा आपातकालीन भंडार से 210,000 टन चावल जारी करने के बावजूद, वितरण में देरी और जमाखोरी के कारण कीमतों में कमी नहीं आई।
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राजनीतिक प्रभाव
एतो के बयान ने प्रधानमंत्री इशिबा की सरकार की लोकप्रियता पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। हालिया सर्वेक्षणों में सरकार की चावल मूल्य संकट से निपटने की क्षमता पर 87% असंतोष दर्ज किया गया है।
नए कृषि मंत्री की नियुक्ति
एतो के इस्तीफे के बाद, पूर्व पर्यावरण मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी (Shinjirō Koizumi) को नया कृषि मंत्री नियुक्त किया गया है। कोइज़ुमी ने चावल संकट को हल करने और कृषि नीतियों में सुधार लाने का संकल्प लिया है।



