
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ काशी में उमड़ रही है। त्रिवेणी संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के बाद काशी विश्वनाथ के दर्शन और गंगा स्नान के लिए भक्तों का सैलाब सड़कों, गलियों और घाटों में उमड़ पड़ा है। इस अप्रत्याशित भीड़ के कारण काशी (Kashi news) में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो गई है और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती (Ganga aarti) को 15 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
प्रयागराज महाकुंभ से लौटते समय श्रद्धालु बड़ी संख्या में काशी पहुंच रहे हैं। गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ (Kashi Vishwanath temple) के दर्शन के लिए भक्तों का रेला निरंतर बढ़ रहा है। मंदिर के बाहर ललिता घाट से लेकर मैदागिन तक लंबी कतारें लगी हैं। भक्तों को दर्शन के लिए छह से आठ घंटे का समय लग रहा है, लेकिन आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही।
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ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई
शहर में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हाईवे से लेकर शहर की गलियों तक वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पुलिस ने बाहरी वाहनों को मोहनसराय, अमरा अखरी और डाफी के पास रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है। गाजीपुर रोड और फूलपुर से आने वाले वाहनों को भी सीमाओं पर ही रोक दिया जा रहा है। गलियों में भी भीड़ को डायवर्ट किया जा रहा है। गौदोलिया को एकल जोन घोषित कर दिया गया है।
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बाबा दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़
संगम में स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रेला बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आ रहा है। 11 जनवरी से 11 फरवरी के बीच ही रेकॉर्ड एक करोड़ 40 लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन किए हैं। इस साल 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है। माना जा रहा है कि बनारस में तब तक श्रद्धालुओं का आना लगा रहेगा।
गंगा स्नान के लिए उमड़ी भीड़
गंगा स्नान के लिए दशाश्वमेध, ललिता घाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्नान के बाद भक्त मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
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