Varanasi crime news : वाराणसी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में रविवार रात को हड़कंप मच गया, जब ग्राम प्रधान रितु देवी और उनके प्रतिनिधि मान सिंह के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। घटना रविवार रात साढ़े आठ बजे हुई। ग्रामीण आरोपियों को छोड़ने और ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पथराव के दौरान रामनगर, लंका और जैतपुरा थानों की पुलिस गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इसमें दरोगा पंकज पांडेय, जैतपुरा थानाध्यक्ष के चालक हेड कांस्टेबल जगदीश कुमार, कांस्टेबल गौरव मिश्रा सहित कुल आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अलावा राहगीर रमेश और अंकित भी घायल हुए। (Varanasi crime news)
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सूचना मिलने पर पुलिस ने दस थानों की टीमों को मौके पर बुलाया और अराजक भीड़ को काबू में करने के लिए लाठियां भांजनी पड़ीं। देर रात 1:30 बजे पुलिस ने कुल 37 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल थीं। इस दौरान डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की।
घटना की शुरुआत शनिवार शाम से हुई, जब ग्राम प्रधान रितु देवी और उनके प्रतिनिधि मान सिंह के साथ गांव के विशेष और रोहित मौर्य के बीच पेयजल आपूर्ति को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान मान सिंह ने विशेष को पीट दिया। इसके बाद विशेष और रोहित ने ग्रामीणों को बुला लिया और दोनों पक्षों में झड़प हो गई। ग्रामीण प्रधान के घर पहुंचे और धक्कामुक्की में प्रधान रितु देवी को चोटें आईं। (Varanasi crime news)
इस मामले में प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पक्ष के लोग पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए। रविवार सुबह 11 बजे दुर्गामंदिर-पंचवटी मार्ग पर धरना दिया गया, जिससे वाहन आवागमन ठप हो गया। ग्रामीणों ने आरोपियों की रिहाई और प्रधान से माफी मंगवाने की मांग की।
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रात करीब आठ बजे एसीपी कोतवाली अतुल अंजान त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को रास्ता खाली करने के लिए समझाने लगे। इसी बीच अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू हो गया। घायल पुलिसकर्मियों और लोगों को राजकीय अस्पताल रामनगर में भर्ती कराया गया। (Varanasi crime news)
इस पूरे मामले ने गांव में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के बीच का यह विवाद पेयजल आपूर्ति और स्थानीय प्रशासन की पहल के चलते हिंसक मोड़ ले गया। पुलिस का कहना है कि अब भीड़ और हंगामे को नियंत्रित करने के लिए सतर्कता बरती जा रही है और आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। (Varanasi crime news)



