

बरसात के मौसम में जहां खेतों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए, वहीं वाराणसी (Varanasi) के रामेश्वर क्षेत्र के जगापट्टी इलाके में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन सैकड़ों हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। अचानक जल स्रोत (Groundwater Table) नीचे खिसक जाने से हैंडपंपों से पानी नहीं निकल रहा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और हताशा दोनों बढ़ गई है।
वाराणसी (Varanasi) के जगापट्टी, पेडूका, बरेमा, लच्छीपुर, परसीपुर और भूईली जैसे गांवों में बीते कुछ दिनों से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जगापट्टी में अकेले 25 हैंडपंप बंद हो चुके हैं। वहीं पेडूका और भूईली में 20-20, बरेमा में 12, लच्छीपुर में 8, परसीपुर में 20 और रामेश्वर दलित बस्ती में 6 हैंडपंपों से पानी आना बंद हो चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि जब हैंडपंप चलाते हैं तो पानी की जगह ‘एयर’ निकलती है, जिससे झटका महसूस होता है। कभी-कभी झटका इतना तेज होता है कि यदि सावधानी न बरती जाए तो चोट लग सकती है। पहले लोग इसे तकनीकी खराबी समझ रहे थे, लेकिन जब आसपास के गांवों से भी यही शिकायतें आने लगीं तो गांव के प्रधान घनश्याम सिंह यादव से संपर्क कर जांच करवाई गई।
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जांच में सामने आया चौंकाने वाला कारण
प्रधान के निर्देश पर आए मैकेनिक ने जब हैंडपंपों की जांच की, तो पाया कि इनमें कोई तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि क्षेत्र में जल स्तर (Water Table) इतना नीचे चला गया है कि सामान्य गहराई के हैंडपंप पानी नहीं खींच पा रहे हैं। यही हाल निजी नलकूपों और सरकारी ट्यूबवेल्स का भी है। अब 10 फीट तक अतिरिक्त पाइप जोड़ने की सलाह दी जा रही है ताकि जल तक पहुंचा जा सके।
लोग बाल्टी-बाल्टी पानी ला रहे
पानी के लिए अब ग्रामीणों को दूसरे के नलकूपों पर निर्भर होना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे सिर पर बाल्टियों में पानी ढोते नजर आ रहे हैं। पानी की तलाश में लोग एक गांव से दूसरे गांव की ओर भटकते हैं।
आम तौर पर बरसात के मौसम में जल स्तर ऊपर आ जाता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर बरसात देर से हो या लगातार दो-तीन साल जल संचयन (Rainwater Harvesting) की अनदेखी की जाए, तो भूमिगत जल स्रोत नीचे चले जाते हैं। रामेश्वर क्षेत्र में जल संरक्षण के स्थायी उपाय न होने से यह संकट और भी भयावह हो गया है।
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स्थानीय लोग क्या कहते हैं
रामेश्वर के रामगोपाल चौरसिया का कहना है कि बरसात के दिनों में जलस्रोत नीचे चले जाने से पानी का संकट पैदा हो गया है।
पेडूका गांव के कृष्ण कुमार यादव और राकेश यादव ने बताया कि पानी के लिए अब गांव वालों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
बरेमा गांव के सतीश सिंह का कहना है कि हैंडपंप से पानी निकलना बंद हुआ तो मैकेनिक बुलाया गया। उसने बताया कि पानी नीचे चला गया है, पाइप को 10 फुट बढ़ाना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने वाराणसी जिला प्रशासन (Varanasi District Administration) से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में पेयजल संकट और विकराल रूप ले सकता है।
परसीपुर के राजेंद्र सिंह का कहना है कि जलस्रोत नीचे जाना संकट का संकेत है। लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
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